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Religion

Sita Navami 2026: 24 या 25 अप्रैल, कब है सीता नवमी? सुखी दांपत्य जीवन के लिए इस दिन करें खास उपाय

Sita Navami 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष या नवमी तिथि को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है. यह दिन माता सीता और प्रभु श्रीराम की पूजा के लिए खास होता है. अप्रैल में सीता नवमी कब है चलिए जानते हैं.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Mar 31, 2026 16:48
Photo Credit- News24GFX

Sita Navami 2026: सीता नवमी का पर्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि, इसी दिन राजा जनक को खेत में हल जोतते समय धरती से माता सीता मिली थीं. यह दिन माता सीता के जन्म के रूप में मनाते हैं. सीता नवमी पर माता सीता की पूजा करने का खास महत्व होता है. इस दिन मां सीता की पूजा से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. खास उपायों को करने से घर में सुख-समृद्धि आती है.

कब है सीता नवमी? (Sita Navami 2026 Kab Hai)

सीता नवमी का पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. इस तिथि का आरंभ 24 अप्रैल की शाम को 7 बजकर 21 मिनट पर होगा. नवमी तिथि का समापन अगले दिन 25 अप्रैल की शाम को 6 बजकर 27 मिनट पर होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, सीता नवमी का पर्व 25 अप्रैल 2026, दिन शनिवार को मनाया जाएगा. इस दिन आप मां सीता की पूजा के साथ ही खास उपायों को कर सकते हैं.

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ये भी पढ़ें – Vaishakh Amavasya 2026: कब है वैशाख अमावस्‍या? श्राद्ध और तर्पण के लिए है खास, जानिए महत्व और उपाय

सुखी दापंत्य जीवन के लिए उपाय

शादीशुदा महिलाओं को सुखी दापंत्य जीवन के लिए सीता नवमी पर व्रत करना चाहिए. व्रत और मां सीता की पूजा करने से माता सीता का आशीर्वाद मिलता है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है. आप व्रत करें और माता सीता का 16 श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें. मां सीता को खीर का भोग लगाएं और कन्याओं को भोजन कराएं. पूजा के दौरान ॐ पतिव्रताय नमः मंत्र का जाप करें और सीता चालीसा का पाठ करें.

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आप मां सीता को चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करने के साथ ही जानकी स्तोत्र का पाठ करें. इसके अलावा जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हैं वह लोग प्रभु श्रीराम और माता सीता की पूजा करें और हल्दी की गांठ अर्पित करें. बता दें, कि माता सीता का जन्म भूमि से हुआ था. आप भूमि पूजन कर माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 31, 2026 04:48 PM

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