Raksha Bandhan: भाई न होने पर क्या बहन को भी बांध सकते हैं राखी? जानें शास्त्रीय नियम
Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन के पर्व को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है, लेकिन क्या जरूरी है कि हर परिवार में भाई हो? अगर किसी का भाई नहीं है तो क्या वो रक्षा बंधन का त्योहार नहीं मना सकती? क्या बहन अपनी बहन को राखी नहीं बांध सकती? और जिनके पास न भाई है और न ही बहन, वो इस पर्व को कैसे मनाएं? आज हम इन्हीं सवालों के जवाब तलाशेंगे और रक्षा बंधन का असली मतलब समझेंगे।
Written By: News24 हिंदी|Updated: Aug 3, 2025 10:52
Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन का पर्व, भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई का तिलक करके उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं, जिसके बदले में भाई उन्हें उनकी रक्षा करने का वचन देता है। लेकिन क्या आपके मन में कभी ये सवाल नहीं आया कि जिन लोगों का कोई भाई नहीं है वो कैसे ये पर्व मनाएं? क्या वो अपनी बहन को राखी बांध सकती हैं? क्यों बहनें एक-दूसरे को राखी बांध सकती हैं? और जिन लोगों की न तो बहन है और न ही भाई, वो कैसे ये पर्व मनाएं? आदि-आदि। आज हम आपको इन्हीं सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।
क्या बहन को भी बांध सकते हैं राखी?
शास्त्रों में रक्षा बंधन का पर्व मनाने के कोई कठोर नियम नहीं हैं। बहन केवल भाई को ही राखी बांध सकती है, ये भी जरूरी नहीं है। ये पर्व प्यार और रक्षा को दर्शाता है, जिसकी भावना प्रत्येक रिश्ते में होनी जरूरी है। जिनका कोई भाई नहीं है, वो अपनी बहन को राखी बांध सकती हैं। हालांकि बहनें भी एक-दूसरे को राखी बांध सकती हैं। इससे न उनका रिश्ता मजबूत होगा बल्कि त्योहार की सच्ची भावना भी कायम रहेगी।
वहीं, जो सिंगल चाइल्ड हैं, वो अपने किसी दोस्त, पड़ोसी व परिचित व्यक्ति को भी राखी बांध सकती हैं। लेकिन राखी केवल उसी व्यक्ति को बांधनी चाहिए, जिन्हें आप अपने भाई के रूप में स्पष्ट रूप से स्वीकार करती हों। दिखावे व किसी के कहने पर कभी भी किसी को राखी नहीं बांधनी चाहिए। इससे आपको पाप लग सकता है।
विवाहित बहनों के दाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए। जबकि अविवाहित बहन के बाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधना ज्यादा शुभ होता है।
राखी बंधवाते समय बहनों को अपना सिर चुनरी से ढक लेना चाहिए।
राखी बंधवाते समय बहन का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। वहीं, जो बहन राखी बांध रही है, उसे पश्चिम दिशा की ओर मुख करना चाहिए।
अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर से दोनों भौहों के बीच आज्ञा चक्र पर रोली से तिलक करना चाहिए। तिलक लगाने के बाद अक्षत लगाएं और सफेद रंग की मिठाई खिलाएं। बहन की आरती करें और उसकी लंबी उम्र की कामना करें। बदले में बहन को कोई गिफ्ट देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन का पर्व, भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई का तिलक करके उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं, जिसके बदले में भाई उन्हें उनकी रक्षा करने का वचन देता है। लेकिन क्या आपके मन में कभी ये सवाल नहीं आया कि जिन लोगों का कोई भाई नहीं है वो कैसे ये पर्व मनाएं? क्या वो अपनी बहन को राखी बांध सकती हैं? क्यों बहनें एक-दूसरे को राखी बांध सकती हैं? और जिन लोगों की न तो बहन है और न ही भाई, वो कैसे ये पर्व मनाएं? आदि-आदि। आज हम आपको इन्हीं सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।
क्या बहन को भी बांध सकते हैं राखी?
शास्त्रों में रक्षा बंधन का पर्व मनाने के कोई कठोर नियम नहीं हैं। बहन केवल भाई को ही राखी बांध सकती है, ये भी जरूरी नहीं है। ये पर्व प्यार और रक्षा को दर्शाता है, जिसकी भावना प्रत्येक रिश्ते में होनी जरूरी है। जिनका कोई भाई नहीं है, वो अपनी बहन को राखी बांध सकती हैं। हालांकि बहनें भी एक-दूसरे को राखी बांध सकती हैं। इससे न उनका रिश्ता मजबूत होगा बल्कि त्योहार की सच्ची भावना भी कायम रहेगी।
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वहीं, जो सिंगल चाइल्ड हैं, वो अपने किसी दोस्त, पड़ोसी व परिचित व्यक्ति को भी राखी बांध सकती हैं। लेकिन राखी केवल उसी व्यक्ति को बांधनी चाहिए, जिन्हें आप अपने भाई के रूप में स्पष्ट रूप से स्वीकार करती हों। दिखावे व किसी के कहने पर कभी भी किसी को राखी नहीं बांधनी चाहिए। इससे आपको पाप लग सकता है।
विवाहित बहनों के दाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए। जबकि अविवाहित बहन के बाएं हाथ की कलाई पर राखी बांधना ज्यादा शुभ होता है।
राखी बंधवाते समय बहनों को अपना सिर चुनरी से ढक लेना चाहिए।
राखी बंधवाते समय बहन का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। वहीं, जो बहन राखी बांध रही है, उसे पश्चिम दिशा की ओर मुख करना चाहिए।
अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर से दोनों भौहों के बीच आज्ञा चक्र पर रोली से तिलक करना चाहिए। तिलक लगाने के बाद अक्षत लगाएं और सफेद रंग की मिठाई खिलाएं। बहन की आरती करें और उसकी लंबी उम्र की कामना करें। बदले में बहन को कोई गिफ्ट देना चाहिए।