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Premanand Maharaj Quotes: प्रेमानंद महाराज ने बताए अकाल मृत्यु से बचने के उपाय, टल जाएगी हर दुर्घटना

Premanand Maharaj Quotes: प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचन और विचारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहते हैं. प्रेमानंद महाराज ने दुर्घटना व अकाल मृत्यु से बचने के उपायों के बारे में बताया है.

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Jan 28, 2026 14:25
Premanand Maharaj Quotes
Photo Credit- News24GFX

Premanand Maharaj Quotes: वृंदावन के मशहूर संतों में से एक प्रेमानंज महाराज अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर लोगों को जीवन से जुड़ी बातों पर ज्ञान देते हैं. उन्होंने अकाल मृत्यु और सड़क दुर्घटनाओं के बारे में कुछ कहा है. आजकल लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं और अकाल मृत्यु मर जाते हैं. प्रेमानंद महाराज ने ऐसे उपायों के बारे में बताया है जिससे जीवन की विपदाओं से बच सकते हैं. इन उपायों को करने से अकाल मृत्यु और दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं.

प्रेमानंद महाराज के बताए 5 अचूक उपाय

मंत्र जाप

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प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, घर से निकलने से पहले व्यक्ति को मंत्र का जाप करना चाहिए. आप “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम:।।” घर से इस मंत्र का जाप करके निकलें. इस मंत्र का 11 बार जाप करें इससे आपको अकाल मृत्यु और दुर्घटना का खतरा नहीं होगा.

भगवान के नाम का जाप

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हर व्यक्ति को दिनभर में अपने 24 घंटे में से करीब 20 मिनट का समय भगवान के नाम जाप के लिए निकालना चाहिए. भगवान का नाम जाप करने से मृत्यु का भय कम होता है. प्रभु के संकीर्तन से अकाल मृत्यु को टाल सकते हैं.

साष्टांग दंडवत प्रणाम

आपको घर में विराजमान ठाकुर जी को दिन में 11 बार साष्टांग दंडवत प्रणाम करना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि, ठाकुर जी को प्रणाम करना अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर होता है. ऐसा करने से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है.

चरणामृत का सेवन

भक्तों को रोजाना भगवान कृष्ण के चरणों का चरणामृत पीना चाहिए. रोजाना सुबह चरणामृत पीने के बाद आप किसी दुर्घटना में नहीं फंसेंगे अगर आप किसी मुसीबत में फसंते हैं तो उससे बाहर निकल पाएंगे.

वृंदावन की रज

वृंदावन की रज घर लाना बेहद शुभ होता है. आप वृंदावन जाए तो वहां से वृंदावन की रज लेकर आए. वृंदावन की रज यानी वहां की मिट्टी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों और उनकी रासलीलाओं से पावन हुई भूमी है. आप घर से निकलते समय माथे पर थोड़ी सी वृंदावन की रज लगाएं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 28, 2026 02:25 PM

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