---विज्ञापन---

Religion

Pradosh Vrat 2026: 30 या 31 जनवरी, कब है प्रदोष व्रत? जानें सटीक तारीख, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat 2026: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. अब माघ माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का प्रदोष व्रत कब है चलिए जानते हैं.

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Jan 28, 2026 07:02
Pradosh Vrat 2026
Photo Credit- News24GFX

Pradosh Vrat 2026: माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि का व्रत जनवरी के अंत में पड़ रहा है. यह प्रदोष व्रत पाप मुक्ति, आरोग्य, धन-समृद्धि की प्राप्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए होता है. भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए यह व्रत खास होता है. प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में शिव जी की पूजा की जाती है. प्रदोष व्रत के दिन विधि विधान से पूजा करने से आपके ऊपर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहेगी.

कब है प्रदोष व्रत? (Pradosh Vrat Kab Hai)

प्रदोष व्रत महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. अब माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होगा. माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 30 जनवरी 2026, दिन शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 09 मिनट से लेकर अगले दिन 31 जनवरी 2026, दिन शनिवार को सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक मान्य है. प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में होती है ऐसे में प्रदोष व्रत 30 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार को होगा. शुक्रवार को होने से यह शुक्र प्रदोष व्रत होगा.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Magh Purnima 2026 Rashifal: माघ पूर्णिमा पर बन रहे हैं शुभ संयोग, धन संपदा से परिपूर्ण रहेंगे 4 राशि वाले

प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)

प्रदोष व्रत के दिन सुबह पूजा करने के बाद शाम को प्रदोष काल में पूजा करनी होती है. आप सुबह उठकर स्नान आदि कर लें इसके बाद साफ वस्त्र धारण कर भगवान शिव का पंचामृत यानीदूध, दही, घी, शहद, और गंगा जल से अभिषेक करें. भगवान शिव को भाग-धतूरा और बेलपत्र अर्पित करें. शिव चालीसा का पाठ करें. शाम के समय आप फिर से स्नान कर भगवान शिव की पूजा अर्चना करें. शिव चालीसा का पाठ करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें. इसके बाद शिव जी की आरती करें.

---विज्ञापन---

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

प्रदोष व्रत पर शाम के समय प्रदोष काल में पूजा का महत्व होता है. आप सांयकाल में फिर से स्नान करके प्रदोष काल में पूजा करें. पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. बता दें कि, प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद करीब 72 मिनट बाद तक होता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 28, 2026 07:02 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.