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Paush Purnima 2026: आज पौष पूर्णिमा की शाम करें श्रीसूक्त का पाठ, करियर और कारोबार में होगी तरक्की

Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा के दिन आप मां लक्ष्मी को खुश कर धनलाभ पाने के लिए श्रीसूक्त का पाठ कर सकते हैं. पूर्णिमा के दिन शाम के समपूजा करें और मां लक्ष्मी की पूजा के साथ ही श्रीसूक्त का पाठ करें.

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Jan 3, 2026 11:54
पौष पूर्णिमा 2026
Credit - Social Media

Paush Purnima 2026 Upay: 3 जनवरी 2026 यानी आज पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है. आज पौष पूर्णिमा का व्रत रखा जा रहा है. पौष पूर्णिमा के दिन आपको पापों से मुक्ति के लिए और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. आप भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही शाम के समय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्रीसूक्त का पाठ कर सकते है. आज पौष पूर्णिमा के दिन शाम को मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनें और साथ ही श्रीसूक्त का पाठ करें. श्रीसूक्त का पाठ करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और आपके घर में धन के भंडार सदा भरे रहेंगे.

श्रीसूक्त का पाठ (Sri Sukt Ka Path)

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ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं, सुवर्णरजतस्त्रजाम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आ वह ।।

तां म आ वह जातवेदो, लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।
यस्यां हिरण्यं विन्देयं, गामश्वं पुरूषानहम् ।

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अश्वपूर्वां रथमध्यां, हस्तिनादप्रमोदिनीम् ।
श्रियं देवीमुप ह्वये, श्रीर्मा देवी जुषताम् ।।

कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम् ।
पद्मेस्थितां पद्मवर्णां तामिहोप ह्वये श्रियम् ।।

चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम् ।
तां पद्मिनीमीं शरणं प्र पद्ये अलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे ।।

आदित्यवर्णे तपसोऽधि जातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽक्ष बिल्वः ।
तस्य फलानि तपसा नुदन्तु या अन्तरा याश्च बाह्या अलक्ष्मीः ।।

उपैतु मां दैवसखः, कीर्तिश्च मणिना सह ।
प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन्, कीर्तिमृद्धिं ददातु मे ।।

क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् ।
अभूतिमसमृद्धिं च, सर्वां निर्णुद मे गृहात् ।।

गन्धद्वारां दुराधर्षां, नित्यपुष्टां करीषिणीम् ।
ईश्वरीं सर्वभूतानां, तामिहोप ह्वये श्रियम् ।।

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मनसः काममाकूतिं, वाचः सत्यमशीमहि ।
पशूनां रूपमन्नस्य, मयि श्रीः श्रयतां यशः ।।

कर्दमेन प्रजा भूता मयि सम्भव कर्दम ।
श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम् ।।

आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे ।
नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले ।।

आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिंगलां पद्ममालिनीम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आ वह ।।

आर्द्रां य करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम् ।
सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आ वह ।।

तां म आ वह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।
यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पुरुषानहम् ।।

य: शुचि: प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम् ।
सूक्तं पंचदशर्चं च श्रीकाम: सततं जपेत् ।।
इति समाप्ति

श्रीसूक्त का पाठ करने के लाभ

आप श्रीसूक्त का पाठ करते हैं तो इससे आपको जीवन में सफलता मिलेगी. करियर और कारोबार में तरक्की करेंगे और आर्थिक समृद्धि आएगी. जीवन में सुख-शांति का वास होगा और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से आपका जीवन सुखमय बितेगा. आरोग्य और दीर्घायु की प्राप्ति होगी. आप पौष पूर्णिमा के दिन श्रीसूक्त का पाठ अवश्य करें. आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से इसका पाठ कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 03, 2026 11:54 AM

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