नवरात्रि में लोग माता को प्रसन्न करने के लिए भोग में फल भी अर्पित करते हैं। माता को सेब, अनार, केला, नारियल, बेल, आम, अंगूर, शरीफा, सिंघाड़ा आदि फल पसंद हैं। इन फलों को अर्पित करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है। वहीं, देवी को कुछ फल अर्पित करने की मनाही है।
माना जाता है कि माता रानी को खट्टे और तामसिक फल अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से देवी नाराज हो सकती है और व्यक्ति को जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि देवी को कौन से फल नहीं अर्पित करने चाहिए।
माता को न अर्पित करें ये फल
अंजीर- देवी माता को अंजीर कभी नहीं अर्पित करना चाहिए। अंजीर को तामसिक फल माना गया है। इस कारण इसे माता को अर्पित नहीं किया जाता है।
नींबू- नींबू का उपयोग मुख्य रूप से तांत्रिक पूजा में होता है। इस कारण यह दुर्गा माता की सात्विक पूजा में अर्पित नहीं किया जाता है।
करौंदा- यह अत्यधिक खट्टा फल होता है। इस कारण इसको माता को कभी भी अर्पित नहीं करना चाहिए।
इमली- इमली को भी खट्टे फलों में गिना जाता है। इस कारण इसको कभी भी देवी दुर्गा को अर्पित नहीं किया जाता है।
सूखा नारियल- पानी वाला नारियल माता को चढ़ाना शुभ माना जाता है, लेकिन सूखा नारियल देवी माता को अर्पित नहीं करना चाहिए।
बासी और कटे हुए फल- देवी माता को बासी और कटे हुए फल भी अर्पित नहीं करने चाहिए। देवी-देवता को हमेशा ताजे हुए फल ही चढ़ाने चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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