Shani Amavasya 2025: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व रखता है। जब अमावस्या शनिवार को पड़ती है, तो उसे शनि या शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। यह दिन शनिदेव की पूजा के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। यदि आपकी कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं है या आप साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं, तो शनि अमावस्या के दिन कुछ खास उपायों को अपनाकर आप शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन शाम के समय कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय कर शनि देव को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?
पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीया जलाना
शनि अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाना अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। पीपल के पेड़ को शनि देव का प्रिय माना जाता है, और इस पेड़ के नीचे दीया जलाने से न केवल शनि की स्थिति मजबूत होती है, बल्कि राहु के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। यह उपाय खासकर उन लोगों के लिए है, जिनकी कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है या जिन पर राहु का नकारात्मक असर है।
ये भी पढ़ें: Mahabharata Story: पिछले जन्म में कौन थी द्रौपदी, क्यों मिले उसे 5 पति? जानें पांचाली से जुड़े रहस्य
हनुमान जी की पूजा और सुंदरकांड का पाठ
शनि अमावस्या के दिन हनुमान जी की पूजा करना और सुंदरकांड का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है। हनुमान जी को शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, और शनि देव के साथ उनकी उपासना से आपके शनि दोषों से छुटकारा मिल सकता है। इस दिन शाम को सुंदरकांड का पाठ करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और पितरों की शांति भी मिलती है। इस दिन हनुमान जी के मंत्रों का जाप और उनकी पूजा आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
शमी के पेड़ के नीचे घी का दीया जलाना
शनि अमावस्या के दिन शमी के पेड़ की पूजा करना एक और महत्वपूर्ण उपाय है। शमी के पेड़ को शनि देव से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन शमी के पेड़ के नीचे घी का दीया जलाने से शनि देव का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में समृद्धि व सुख-शांति का वास होता है। इसके अलावा, यह उपाय पितरों की कृपा भी प्राप्त करने का एक उत्तम तरीका है। शमी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने से आपके परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है।
ये भी पढ़ें: इन 3 तारीखों में जन्मे लोगों पर रहती है शुक्र ग्रह और मां लक्ष्मी की खास कृपा, जीते हैं ऐशो-आराम की जिंदगी!
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।