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Mandir Darshan Rules: मंदिर दर्शन के बाद पैर धोना सही या गलत? शुभ फल चाहते हैं तो जरूर जानें ये नियम

Mandir Darshan Rules: मंदिर में देव दर्शन से लौटने के बाद पैर या स्नान करना सही है या गलत, इसे लेकर हिन्दू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि दर्शन के बाद शरीर पर बनी दिव्य ऊर्जा तुरंत पानी छूने से कम हो सकती है. आइए जानते हैं कि क्या सच में ऐसा करना शुभ फल को रोक देता है और मंदिर दर्शन के बाद के सही नियम क्या हैं?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Dec 12, 2025 13:52
Mandir-Darshan-Rules

Mandir Darshan Rules: मंदिर हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है. यहां भक्त भगवान की आराधना, प्रार्थना और मन की शांति के लिए जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि मंदिर की ऊर्जा मन और शरीर को तुरंत प्रभावित करती है. अक्सर लोगों के मन में एक सवाल यह आता है कि मंदिर से लौटने के तुरंत बाद पैर धोने चाहिए या नहीं, स्नान करना चाहिए कि नहीं. आइए विस्तार से जानते हैं, मंदिर और देव दर्शन के बाद के जरूरी नियम.

मंदिर से लौटते ही क्यों न धोएं पैर?

शास्त्रों के अनुसार मंदिर का वातावरण अत्यंत पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है. जब आप मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो वहां की दिव्य ऊर्जा, मंत्रों का कंपन और पूजा का प्रभाव आपके शरीर को घेर लेता है. माना जाता है कि इस प्रभाव को शरीर पर कुछ समय रहने देना चाहिए. इसलिए मंदिर से लौटते ही हाथ-पैर धोना उचित नहीं माना गया है.

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दिव्य ऊर्जा के प्रभाव को समय दें

कई धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि मंदिर से आने के बाद कुछ देर शांत होकर बैठें. मन में भगवान का स्मरण करें और कुछ मिनटों तक सकारात्मक अनुभूतियों को महसूस करें. यह ऊर्जा मन को शांत करती है और दिनभर के कार्यों में शुभता प्रदान करती है.

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ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों माना गया है जरूरी

ज्योतिष के आचार्यों का मत है कि मंदिर की ऊर्जा व्यक्ति की आभा को मजबूत करती है. अगर आप तुरंत पानी का स्पर्श करते हैं, तो यह आभा कमजोर हो सकती है. इसी कारण मंदिर से लौटने के बाद कुछ समय तक पानी छूने से बचने की सलाह दी जाती है.

स्नान करने से क्यों बचें

कुछ लोग मंदिर से आकर स्नान भी कर लेते हैं, लेकिन शास्त्रों में इसे उचित नहीं माना गया है. कहा गया है कि स्नान करने से शरीर पर मिला दिव्य प्रभाव कम हो सकता है. इसीलिए मंदिर से लौटते ही स्नान न करने की हिदायत दी जाती है.

कब सही है हाथ-पैर धोना?

मंदिर जाते समय हाथ-पैर धोकर जाना श्रेष्ठ माना गया है. इससे आप स्वयं को शुद्ध करते हैं और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करते हैं. मंदिर में प्रवेश से पहले की यह प्रक्रिया आपको मानसिक और आध्यात्मिक रूप से तैयार करती है.

क्या करें मंदिर से लौटकर

घर आने के बाद कुछ मिनट शांत बैठें.
भगवान का नाम लें या मन ही मन प्रार्थना करें.
मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा को अपने भीतर महसूस करें.

हिन्दू धर्म के आचार्यों और पंडितों के अनुसार, इन सरल नियमों को अपनाने से भक्त को शुभ फल प्राप्त होते हैं और मानसिक शांति भी बनी रहती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 12, 2025 01:51 PM

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