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Religion

Mahashivratri 2026: 15 या 16 फरवरी, कब है महाशिवरात्रि? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के पारण का सही समय

Mahashivratri 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: महाशिवरात्रि को देवों के देव महादेव की भक्ति और आत्मशुद्धि का महापर्व माना जाता है, जिसका इंतजार हर एक शिव भक्त को होता है. चलिए जानते हैं साल 2026 में 15 फरवरी या 16 फरवरी, किस दिन महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा. साथ ही आपको भोलेबाबा की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत के पारण के सही समय के बारे में यहां जानने को मिलेगा.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Jan 30, 2026 12:19
Mahashivratri 2026
Credit- Social Media

Mahashivratri 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: हर वर्ष फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का महाउत्सव मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में इसी तिथि पर शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसके अलावा इसी तिथि पर भगवान शिव ने अनंत ज्योति के रूप में स्वयं को प्रकट किया था, जिस कारण महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ माना गया है. हालांकि, कुछ लोग इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ शिव-पार्वती जी की पूजा भी करते हैं.

मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर शिव और माता पार्वती की पूजा करने व व्रत रखने से देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन में प्यार, स्थिरता, खुशहाली, धन और वैभव आदि का वास होता है. चलिए जानते हैं वर्ष 2026 में महापर्व महाशिवरात्रि कब है और शिव-पार्वती जी का पूजन कैसे व किस मुहूर्त में करें.

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2026 में कब है महाशिवरात्रि? (When is Mahashivratri in 2026?)

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 मिनट पर हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 16 फरवरी को शाम में 05:34 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 15 फरवरी 2026, वार रविवार को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा.

महाशिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त (Mahashivratri Puja Auspicious Time)

महाशिवरात्रि की पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय मध्यरात्रि में होता है, जिसे निशिता काल भी कहते हैं. 16 फरवरी 2026 की सुबह 12:09 मिनट से सुबह 01:01 मिनट तक निशिता काल रहेगा. इसके अलावा महाशिवरात्रि पर चार प्रहर में भी शिव जी और मां पार्वती की उपासना करना शुभ होता है.

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इस दिन रात्रि प्रथम प्रहर की पूजा का शुभ समय शाम 06:11 से रात 09:23 मिनट तक है, जिसके बाद रात्रि द्वितीय प्रहर की पूजा का समय आरंभ होगा, जो अगले दिन 16 फरवरी की सुबह 12:35 मिनट तक रहेगा. इसके बाद रात्रि तृतीय प्रहर की पूजा का समय आरंभ होगा, जो सुबह 03:47 मिनट तक रहेगा. वहीं, रात्रि चतुर्थ प्रहर की पूजा का समय 16 जनवरी 2026 को सुबह 03:47 मिनट से सुबह 06:59 मिनट तक रहेगा.

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महाशिवरात्रि का व्रत कब खोलें?

साल 2026 में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा, जिसका पारण अगले दिन होगा. 16 जनवरी 2026 को सुबह 06:59 मिनट से दोपहर 03:24 मिनट के बीच में कभी भी आप महाशिवरात्रि व्रत का पारण कर सकते हैं.

महाशिवरात्रि व्रत की पूजा विधि

  • महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठें.
  • तन-मन से पवित्र होने के बाद शुद्ध हरे, गुलाबी या सफेद रंग के कपड़े धारण करें.
  • हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें,
  • शुभ मुहूर्त में शिव जी और माता पार्वती की पूजा करें.
  • शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें. साथ ही गन्ने का रस, चंदन, भस्म, धतूरा, बेलपत्र, शमीपत्र, फल, फूल, इलाचयी, मिठाई और लौंग अर्पित करें. इस दौरान शिव मंत्र का जाप करते रहें.
  • घी के दीपक से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें.
  • अगले दिन शुभ मुहूर्त में देवी-देवताओं की पूजा करने के बाद सात्विक भोजन खाकर व्रत खोलें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 30, 2026 12:19 PM

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