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Religion

Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा पर करें मां गंगा के इन मंत्रों का जाप, दोगुना मिलेगा स्नान-दान का लाभ

Kartik Purnima 2025: पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान का खास महत्व होता है. कार्तिक पूर्णिमा पर आपको गंगा स्नान के साथ ही गंगा मां की पूजा करनी चाहिए. इसके साथ ही गंगा मां की आरती करें और मंत्रों का जाप करें.

Author By: Aman Maheshwari Updated: Nov 4, 2025 19:08
Kartik Purnima 2025

Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 5 नवंबर 2025 को मनाया जा रहा है. कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान करने का खास महत्व होता है. पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली का पर्व भी मनाया जाता है. आप कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा नदी में स्नान के साथ ही मां गंगा की पूजा अर्चना करें. मां गंगा की पूजा अर्चना के दौरान आप मां गंगा के इन मंत्रों का जाप करें. मां गंगा के मंत्रों के साथ ही 108 नाम का जाप करें. इनका जाप करने से आपको उनकी विशेष कृपा मिलेगी. ऐसा करने से आपको स्नान का अधिक पुण्य प्राप्त होगा.

कार्तिक पूर्णिमा पर करें मां गंगा के मंत्रों का जाप

“ॐ भागीरथ्ये च विद्महे विष्णुपत्न्ये च धीमहि। तन्नो गंगा प्रचोदयात।”

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“ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः”

“ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नमः”

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“गंगा गंगेति यो ब्रूयात, योजनानां शतैरपि,
मुच्यते सर्वपापेभ्यो, विष्णुलोके स गच्छति॥”

मां गंगा के 108 नाम (Maa Ganga 108 Names)

  1. ॐ गंगायै नमः
  2. ॐ विष्णुपादसंभूतायै नमः
  3. ॐ हरवल्लभायै नमः
  4. ॐ हिमाचलेन्द्रतनयायै नमः
  5. ॐ गिरिमण्डलगामिन्यै नमः
  6. ॐ तारकारातिजनन्यै नमः
  7. ॐ ओंकाररूपिण्यै नमः
  8. ॐ अनलायै नमः
  9. ॐ क्रीडाकल्लोलकारिण्यै नमः
  10. ॐ स्वर्गसोपानशरण्यै नमः
  11. ॐ सर्वदेवस्वरूपिण्यै नमः
  12. ॐ अंबःप्रदायै नमः
  13. ॐ सगरात्मजतारकायै नमः
  14. ॐ सरस्वतीसमयुक्तायै नमः
  15. ॐ सुघोषायै नमः
  16. ॐ सिन्धुगामिन्यै नमः
  17. ॐ भागीरत्यै नमः
  18. ॐ भाग्यवत्यै नमः
  19. ॐ भगीरतरथानुगायै नमः
  20. ॐ त्रिविक्रमपदोद्भूतायै नमः
  21. ॐ त्रिलोकपथगामिन्यै नमः
  22. ॐ क्षीरशुभ्रायै नमः
  23. ॐ नरकभीतिहृते नमः
  24. ॐ अव्ययायै नमः
  25. ॐ नयनानन्ददायिन्यै नमः
  26. ॐ नगपुत्रिकायै नमः
  27. ॐ निरञ्जनायै नमः
  28. ॐ नित्यशुद्धायै नमः
  29. ॐ उमासपत्न्यै नमः
  30. ॐ शुभ्राङ्गायै नमः
  31. ॐ श्रीमत्यै नमः
  32. ॐ धवलांबरायै नमः
  33. ॐ आखण्डलवनवासायै नमः
  34. ॐ कंठेन्दुकृतशेकरायै नमः
  35. ॐ अमृताकारसलिलायै नमः
  36. ॐ लीलालिंगितपर्वतायै नमः
  37. ॐ विरिञ्चिकलशावासायै नमः
  38. ॐ त्रिवेण्यै नमः
  39. ॐ पुरातनायै नमः
  40. ॐ पुण्यायै नमः
  41. ॐ पुण्यदायै नमः
  42. ॐ पुण्यवाहिन्यै नमः
  43. ॐ पुलोमजार्चितायै नमः
  44. ॐ भूदायै नमः
  45. ॐ पूतत्रिभुवनायै नमः
  46. ॐ जयायै नमः
  47. ॐ जंगमायै नमः
  48. ॐ जंगमाधारायै नमः
  49. ॐ जलरूपायै नमः
  50. ॐ जगद्धात्र्यै नमः
  51. ॐ जगद्भूतायै नमः
  52. ॐ जनार्चितायै नमः
  53. ॐ जह्नुपुत्र्यै नमः
  54. ॐ नीरजालिपरिष्कृतायै नमः
  55. ॐ सावित्र्यै नमः
  56. ॐ सलिलावासायै नमः
  57. ॐ सागरांबुसमेधिन्यै नमः
  58. ॐ रम्यायै नमः
  59. ॐ बिन्दुसरसे नमः
  60. ॐ अव्यक्तायै नमः
  61. ॐ अव्यक्तरूपधृते नमः
  62. ॐ जगन्मात्रे नमः
  63. ॐ त्रिगुणात्मकायै नमः
  64. ॐ संगत अघौघशमन्यै नमः
  65. ॐ भीतिहर्त्रे नमः
  66. ॐ शंखदुंदुभिनिस्वनायै नमः
  67. ॐ भाग्यदायिन्यै नमः
  68. ॐ नन्दिन्यै नमः
  69. ॐ शीघ्रगायै नमः
  70. ॐ शरण्यै नमः
  71. ॐ शशिशेकरायै नमः
  72. ॐ शाङ्कर्यै नमः
  73. ॐ शफरीपूर्णायै नमः
  74. ॐ भर्गमूर्धकृतालयायै नमः
  75. ॐ भवप्रियायै नमः ।
  76. ॐ सत्यसन्धप्रियायै नमः
  77. ॐ हंसस्वरूपिण्यै नमः
  78. ॐ भगीरतभृतायै नमः
  79. ॐ अनन्तायै नमः
  80. ॐ शरच्चन्द्रनिभाननायै नमः
  81. ॐ दुःखहन्त्र्यैनमः
  82. ॐ शान्तिसन्तानकारिण्यै नमः
  83. ॐ दारिद्र्यहन्त्र्यै नमः
  84. ॐ शिवदायै नमः
  85. ॐ संसारविषनाशिन्यै नमः
  86. ॐ प्रयागनिलयायै नमः
  87. ॐ श्रीदायै नमः
  88. ॐ तापत्रयविमोचिन्यै नमः
  89. ॐ शरणागतदीनार्तपरित्राणायै नमः
  90. ॐ सुमुक्तिदायै नमः
  91. ॐ पापहन्त्र्यै नमः
  92. ॐ पावनाङ्गायै नमः
  93. ॐ परब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः
  94. ॐ पूर्णायै नमः
  95. ॐ जंभूद्वीपविहारिण्यै नमः
  96. ॐ भवपत्न्यै नमः
  97. ॐ भीष्ममात्रे नमः
  98. ॐ सिक्तायै नमः
  99. ॐ रम्यरूपधृते नमः
  100. ॐ उमासहोदर्यै नमः
  101. ॐ बहुक्षीरायै नमः
  102. ॐ क्षीरवृक्षसमाकुलायै नमः
  103. ॐ त्रिलोचनजटावासायै नमः
  104. ॐ ऋणत्रयविमोचिन्यै नमः
  105. ॐ त्रिपुरारिशिरःचूडायै नमः
  106. ॐ जाह्नव्यै नमः
  107. ॐ अज्ञानतिमिरापहृते नमः
  108. ॐ शुभायै नमः

ये भी पढ़ें – Kartik Purnima 2025: कल है कार्तिक पूर्णिमा का व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


First published on: Nov 04, 2025 07:08 PM

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