Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: भगवान शिव को समर्पित सावन का पावन महीना चल रहा है। इस दौरान भोले बाबा की पूजा करना शुभ होता है। इसके अलावा भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत भी रखते हैं। सावन के दौरान भगवान शिव के मंदिरों और बारह ज्योतिर्लिंग में भक्तों की खास भीड़ देखने को मिलती है। मान्यता है कि इस समय जो व्यक्ति सच्चे मन से ज्योतिर्लिंग के दर्शन करता है, उनकी कुंडली में नवग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
हालांकि हर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का अपना महत्व है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको बारह ज्योतिर्लिंग के महत्व और उनसे जुड़ी मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताएंगे।
12 ज्योतिर्लिंग का महत्व
पौराणिक ग्रंथों में बताया गया है कि जिन 12 जगह पर भगवान शंकर ने प्रकट होकर भक्तों को दर्शन दिए थे। वहां-वहां एक-एक ज्योतिर्लिंग स्थापित है, जिनके दर्शन से साधक को विशेष लाभ मिलता है। कहा जाता है कि इन 12 जगहों पर भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। इसी वजह से सनातन धर्म के लोगों के बीच 12 ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है।
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12 ज्योतिर्लिंग कहां-कहां स्थित हैं?
- गुजरात- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
- शैल पर्वत- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
- झारखंड- वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
- उज्जैन- ओंकारेश्वर व अमलेश्वर ज्योतिर्लिंग
- क्षिप्रा नदी के समीप- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
- नासिक- भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
- दारुकावन- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
- वाराणसी- विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग
- उत्तराखंड- केदारनाथ ज्योतिर्लिंग
- तमिलनाडु- रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
- औरंगाबाद- घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग
- गोदावरी तट- त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
ज्योतिर्लिंग की पूजा करने के लाभ
भीमशंकर ज्योतिर्लिंग
भीमशंकर ज्योतिर्लिंग में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से कुंडली में मंगल ग्रह प्रबल होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में मंगल ग्रह के मजबूत होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। मांगलिक दोष का अशुभ प्रभाव कम होता है, जिससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करता है, उसकी कुंडली में गुरु बृहस्पति ग्रह की स्थिति प्रबल होती है। कुंडली में गुरु ग्रह के मजबूत होने से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसके अलावा उसे हर काम में भाग्य का साथ मिलता है, जिसे जीवन में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
सावन के दौरान वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से व्यक्ति को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वहीं जिन लोगों की सेहत हर समय खराब रहती है, वो यदि इस ज्योतिर्लिंग में शिव जी की पूजा करते हैं, तो उनकी सेहत में सुधार होने लगता है। इसके अलावा उन्हें अपने पापों से मुक्ति मिलती है, जिसकी वजह से कुंडली में नवग्रहों की स्थिति सामान्य होने लगती है।
अन्य 9 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के महत्व, नियम और लाभ के बारे में यदि आप जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धर्मिक मान्यता पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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