बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तेजी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, यह चक्रवात 2 और 3 नवंबर की आधी रात नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के निकट तट को पार करेगा. लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक हवा चल सकती है. साथ ही भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं.
चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से कम से कम 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. लोगों से घरों के भीतर रहने और सतर्कता बरतने को कहा गया है.
आधी रात लैंडफॉल
बंगाल की खाड़ी के ऊपर ‘मुरसु’ चक्रवात और अधिक तीव्र हो गया. सोमवार शाम 6 बजे से पहले के छह घंटों के दौरान यह 12 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा था. यह चक्रवात नेल्लोर से करीब 80 किलोमीटर, कावली से 90 किलोमीटर, ओंगोल से 120 किलोमीटर, बापटला से 150 किलोमीटर, तिरुपति से 160 किलोमीटर और मछलीपट्टनम से 190 किलोमीटर दूर स्थित था.
पलनाडु जिले में सबसे ज्यादा करीब 30 सेमी, प्रकाशम में 24 सेमी और मारकापुरम में 19 सेमी तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है. इसके अलावा पश्चिम गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, एलुरु और नेल्लोर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
सरकार के सख्त निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को जान-माल का नुकसान शून्य रखने के कड़े निर्देश दिए. सीएम ने बताया कि पिछले ‘अर्नब’ चक्रवात की तुलना में मुरासु की तीव्रता थोड़ी कम रहने का अनुमान है, फिर भी दक्षिण तटीय आंध्र और रायलसीमा के जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहेगा.
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तूफान गुजरने के बाद 48 घंटे के भीतर बिजली और आवश्यक सेवाएं बहाल की जाएं.
कर्नाटक ने भेजे 500 लाइनमैन
बिजली के बुनियादी ढांचे को बचाने और तेजी से ठीक करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. करीब 31,000 बिजली के खंभे पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में भेज दिए गए हैं. चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त तकनीशियन बुलाए गए हैं. पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने आंध्र प्रदेश को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. कर्नाटक 500 लाइनमैन आंध्र प्रदेश भेज रहा है ताकि बिजली सप्लाई को तुरंत बहाल किया जा सके.
19 उड़ानें रद्द
चक्रवात के चलते उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है. विजयवाड़ा एयरपोर्ट से इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानें रद्द हुईं हैं. विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से 4 उड़ानों को निरस्त किया गया. वहीं, तिरुपति एयरपोर्ट से विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं हैं.
उधर, तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों में भी चक्रवात मुरासु का असर दिखना शुरू हो गया है. चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट में अगले 24 घंटे भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. समुद्र में 80 किमी-प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
ओडिशा भी अलर्ट
ओडिशा सरकार ने सोमवार को पांच दक्षिणी जिलों से 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और वहां आपदा मोचन बलों को तैनात किया. सरकार सोमवार रात 10 बजे से पहले 33 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बना रही है. चक्रवात के कारण आठ जिलों – गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और पुरी में भारी बारिश की आशंका है. करीब 3.33 लाख लोगों को ठहराने के लिए 1,139 राहत शिविर तैयार किए गए हैं.