Gauri Ganesh Chaturthi 2026: माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा. यह गौरी गणेश चतुर्थी होगी. पंचांग के अनुसार, 22 जनवरी 2026, दिन गुरुवार को गौरी गणेश चतुर्थी है. यह दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. आप गणेश जी की पूजा के साथ ही इन मंत्रों का जाप करें. गणेश जी के इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से गणेश जी का आशीर्वाद मिलेगा और हर मनोकामना पूरी होगी.
गणेश जी पूजा मंत्र
ओम वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।
दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः ।
द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः ॥
विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः ।
द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत् ॥
विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत् क्वचित्।
ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय।
लम्बोदराय सकलाय जगद्धिताय।
नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥
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गणेश जी पूजा विधि
गणेश जी की पूजा के लिए सर्वप्रथम स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल की सफाई करें और चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान को चंदन, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें. भगवान के समक्ष दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें. इसके बाद मोदक-लड्डू का भोग लगाएं. पूजा संपन्न करने के बाद गणेश जी की आरती करें और गलती के लिए क्षमा मांगें.
आपको गौरी गणेश चतुर्थी के दिन तामसिक भोजन से दूरी बनानी चाहिए. आप व्रत कर रहे हैं तो दिन के समय सोने से बचें आप दिन में गणेश की वंदना करें. आपको झूठ नहीं बोलना चाहिए. आप पूरे दिन सात्विक चीजों जैसे फल, दूध, दही, पनीर और कुट्टू या सिंघाड़े का सेवन करें.
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