Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए दो लगातार विनाशकारी भूकंपों के बाद तबाही का मंजर बेहद खौफनाक होता जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 1,500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. वेनेजुएला के गृह मंत्री डिओसडाडो कैबेलो के अनुसार, काराबालेडा और काटिया ला मार इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. अकेले ला गुएरा प्रांत में 70,000 से ज्यादा परिवार इस आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं और 100 से अधिक इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं. आपदा के बाद से 157 लोग लापता हैं और करीब 200 लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है.
अस्पतालों में आपातकाल जैसे हालात

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भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पलक झपकते ही दर्जनों इमारतें और रिहायशी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए. इस हादसे में अब तक 4300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. स्थानीय अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है और कई इलाकों में मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है.
मस्क का बड़ा ऐलान

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इस भीषण संकट के बीच टेक विलीनेयर एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट 'स्टारलिंक' ने बड़ी राहत दी है. कंपनी ने घोषणा की है कि वह वेनेजुएला के प्रभावित क्षेत्रों में यूजर्स को एक महीने के लिए मुफ्त इंटरनेट सेवा मुहैया कराएगी. स्टारलिंक सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि कंपनी प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी को तुरंत बहाल करने और तेजी से स्टारलिंक टर्मिनल्स स्थापित करने के काम में जुट गई है, ताकि राहत और बचाव कार्यों में संचार व्यवस्था बाधित न हो.
39,000 से ज्यादा लोग हुए बेघर और प्रभावित

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वेनेजुएला सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है. सरकार के मुताबिक, इस भीषण भूकंप की चपेट में आने से अब तक 39,000 से ज्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. इनमें से बड़ी संख्या उन लोगों की है जिनके घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. प्रभावित लोगों के लिए शेल्टर होम और राहत सामग्री का इंतजाम किया जा रहा है.
मलबे में जिंदगियों की तलाश, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

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प्रभावित इलाकों में सेना, स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आधुनिक मशीनों की मदद ली जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता मलबे में फंसी जिंदगियों को बचाना है. भूकंप के इन झटकों के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा की तलाश में सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं.
मदद के लिए आगे आया भारत

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वेनेजुएला की इस दर्दनाक स्थिति को देखते हुए वैश्विक स्तर पर मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं. भारत और चिली ने अपनी विशेष रेस्क्यू टीमें वेनेजुएला भेजी हैं, जो मलबे में दबे लोगों को निकालने और राहत कार्यों को गति देने में स्थानीय प्रशासन की मदद करेंगी. भूकंप के चलते हुए भारी नुकसान को देखते हुए सरकार ने सुरक्षाकर्मियों की संख्या 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी है. वहीं, बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के कारण माइक्वेटिया स्थित 'सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है.
करीब 62 हजार करोड़ रुपये का नुकसान

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यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस महा-भूकंप से वेनेजुएला को 7.5 अरब डॉलर (करीब 62 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा का भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है, जो देश की कुल जीडीपी (GDP) का लगभग 7 प्रतिशत है. हालांकि, मुख्य तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन देश भर में हुई भारी बिजली कटौती के कारण रोजाना के करीब 1.2 मिलियन बैरल कच्चे तेल (Crude Oil) के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.