जर्मनी की धरती से निकला 18,00,00,000 साल पुराना 'समुद्री राक्षस' का कंकाल! वैज्ञानिकों के भी उड़े होश
जर्मनी में वैज्ञानिकों को इचथ्योसॉर का 18 करोड़ साल पुराना दुर्लभ जीवाश्म मिला है. गंभीर चोटों के बावजूद इस शिकारी के जीवित रहने के साक्ष्यों ने विज्ञान की पुरानी धारणाओं को हिला दिया है.

जर्मनी की एक मिट्टी की खदान में वैज्ञानिकों को इचथ्योसॉर नाम के एक विशाल समुद्री जीव का कंकाल मिला है. यह जीव करीब 18 करोड़ साल पहले जुरासिक काल के दौरान समुद्र का एक बेहद फुर्तीला और खतरनाक शिकारी हुआ करता था.
चोट लगने के बावजूद यह शिकारी कैसे जिंदा रहा?
2 / 6इस जीवाश्म की सबसे हैरान करने वाली बात इसकी चोटें हैं जो इसके जबड़े के जोड़ों के पास पाई गई हैं. इतनी गंभीर चोटों के बाद शिकार करना नामुमकिन जैसा था लेकिन यह जीव हार मानने के बजाय लंबे समय तक जीवित रहा.
क्या इस जीव ने बदल ली थी अपनी खाने की आदत?
3 / 6वैज्ञानिकों को इसके पेट में छोटे पत्थर यानी गैस्ट्रोलिथ मिले हैं जो इस प्रजाति में बहुत कम देखे जाते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि चोट के कारण इसने नरम खाना शुरू कर दिया था और पाचन में मदद के लिए पत्थर निगले थे.
क्यों यह खोज विज्ञान के लिए इतनी खास है?
4 / 6विशेषज्ञों के मुताबिक यह अपनी तरह का सबसे नया जीवाश्म है जो यह साबित करता है कि ये जीव उम्मीद से कहीं ज्यादा समय तक धरती पर रहे. यह खोज पुराने समय के अनुमानों को चुनौती देती है और प्रजातियों के खत्म होने की टाइमलाइन को सुधारती है.
क्या मछली जैसा दिखने वाला यह जीव डॉल्फिन था?
5 / 6दिखने में यह जीव बिल्कुल आज की डॉल्फिन जैसा लगता है लेकिन यह डॉल्फिन नहीं बल्कि एक रेंगने वाला जीव यानी सरीसृप था. डॉल्फिन स्तनधारी होती हैं पर एक जैसे माहौल में रहने के कारण इन दोनों जीवों का शरीर एक जैसा विकसित हुआ.
कैसे सुरक्षित रहा करोड़ों सालों तक यह कंकाल?
6 / 6मिट्टी में दबे होने के कारण यह कंकाल बहुत ही अच्छी हालत में मिला जिससे वैज्ञानिकों को इसके दांतों और चोटों की बारीकी से जांच करने में मदद मिली. बवेरियन स्टेट कलेक्शन जैसे संस्थानों के शोधकर्ता अब इस शिकारी के इतिहास की और परतें खोल रहे हैं.