क्यों नेपाल में अब नई गाड़ियां नहीं खरीद सकते लोग? बालेन सरकार ने लिया सख्त फैसला

सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाते हुए सभी प्रकार के नए सार्वजनिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर तत्काल रोक लगा दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश ईंधन संकट, बढ़ते वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है.

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सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाते हुए सभी प्रकार के नए सार्वजनिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर तत्काल रोक लगा दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश ईंधन संकट, बढ़ते वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है.

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नेपाल सरकार ने लिया सख्त फैसला

नेपाल सरकार ने लिया सख्त फैसला2 / 6

नेपाल सरकार ने केवल पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक सार्वजनिक वाहनों के नए पंजीकरण पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है. इस आदेश में बस, मिनी बस, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक यातायात के सभी नए वाहन शामिल हैं. इससे नए रूट परमिट और फ्लीट विस्तार की संभावना भी फिलहाल खत्म हो गई है.

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क्यों लिया गया फैसला?

क्यों लिया गया फैसला?3 / 6

ट्रांसपोर्ट विभाग ने बढ़ते ट्रैफिक जाम, वायु प्रदूषण, सड़कों पर अत्यधिक दबाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों को मुख्य वजह बताया है. विभाग के निदेशक मणि राम भुसाल के अनुसार, सार्वजनिक यातायात का वैज्ञानिक प्रबंधन न होने के कारण मौजूदा व्यवस्था चरमरा रही है. इसलिए नए वाहनों को जोड़ने के बजाय मौजूदा संसाधनों को बेहतर ढंग से संभालने पर जोर दिया जा रहा है.

ईंधन संकट की आशंका

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जानकारों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चित आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए नेपाल जैसे आयात-निर्भर देश को ईंधन संकट का खतरा सताने लगा है. सरकार संभवतः ईंधन खपत को नियंत्रित करने की दीर्घकालिक रणनीति के तहत यह कदम उठा रही है.

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नेपाल के कानून में है प्रावधान

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यह निर्णय वाहन तथा यातायात व्यवस्था कानून की धारा 24 की उपधारा (3) के तहत लिया गया है. कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि पर्यावरण प्रदूषण, सड़क क्षमता से अधिक दबाव या आम जनजीवन में आवागमन की कठिनाई की स्थिति में सार्वजनिक हित में वाहन पंजीकरण रोका जा सकता है.

सार्वजनिक परिवहन की मांग

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इस रोक का सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों काठमांडू, पोखरा, बिराटनगर और धरान जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा जहां सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है. नए वाहन न जोड़ पाने से परिवहन कंपनियों और उद्यमियों की योजनाएं प्रभावित होंगी. हालांकि सरकार का तर्क है कि इससे मौजूदा वाहनों की दक्षता बढ़ाई जा सकेगी.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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