देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ गया है. सरकारी तेल कंपनियों IOC, BPCL और HPCL ने संकेत दिए हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम ऊंचे रहे तो आगे भी कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका असर खाने-पीने से लेकर ट्रांसपोर्ट तक हर चीज पर पड़ सकता है.
पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई लोगों की चिंता

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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. मई 2026 में कुछ ही दिनों के अंदर तीन बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं. तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसकी वजह से भारत में भी ईंधन महंगा हो रहा है. ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों पर नहीं पड़ता. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियां, दूध, राशन और रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाती हैं. इससे घर का बजट बिगड़ने लगता है.
IOC, BPCL और HPCL पर बढ़ा दबाव

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सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) लंबे समय तक नुकसान झेल रही थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर भारी घाटा हो रहा था. इसी वजह से कंपनियों ने कीमतें बढ़ानी शुरू की हैं.
2022 वाला फॉर्मूला फिर लागू हो सकता है?

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विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां 2022 की तरह धीरे-धीरे दाम बढ़ाने की रणनीति अपना सकती हैं. उस समय भी चुनाव खत्म होने के बाद चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाई गई थीं. इस बार भी कंपनियां अचानक बड़ा झटका देने के बजाय छोटी-छोटी बढ़ोतरी कर सकती हैं.
दिल्ली समेत कई शहरों में बढ़े रेट

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हालिया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल करीब 99.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है. मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है.
शेयर बाजार में भी दिखा असर

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ईंधन कीमतें बढ़ने के बाद BPCL, HPCL और IOC के शेयरों में तेजी देखने को मिली. निवेशकों को उम्मीद है कि कीमत बढ़ने से कंपनियों का घाटा कम होगा और उनकी कमाई सुधरेगी. अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो ट्रांसपोर्ट, एयर टिकट, टैक्सी किराया और खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.
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