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आजकल साइबर ठग व्हाट्सएप के जरिए फर्जी पुलिस समन, डिजिटल अरेस्ट और कोर्ट नोटिस भेजकर लोगों को डरा रहे हैं. जानिए क्या व्हाट्सएप पर आया समन कानूनी रूप से वैलिड होता है, सरकार के नए नियम क्या कहते हैं और खुद को ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे सुरक्षित रखें.
व्हाट्सएप पर आने लगे फर्जी पुलिस समन

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साइबर अपराधी अब लोगों को डराने के लिए व्हाट्सएप पर पुलिस समन, कोर्ट नोटिस और डिजिटल अरेस्ट जैसे मैसेज भेज रहे हैं. कई लोग इन फर्जी नोटिस को असली समझकर ठगी का शिकार हो जाते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी अनजान नंबर से आए कानूनी नोटिस की तुरंत जांच करनी चाहिए.
व्हाट्सएप पर भेजा गया समन कानूनी रूप से मान्य है?

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कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, हर व्हाट्सएप मैसेज को ऑफिशियल समन नहीं माना जा सकता. कई मामलों में अदालत या जांच एजेंसियां डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन उसके साथ आधिकारिक दस्तावेज, ईमेल या लिखित रिकॉर्ड भी जरूरी होता है. बिना वैरिफिकेशन किसी भी संदेश पर भरोसा नहीं करना चाहिए.
डिजिटल अरेस्ट स्कैम कैसे करता है काम?

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इस स्कैम में ठग खुद को पुलिस अधिकारी, सीबीआई या साइबर सेल अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं. वो कहते हैं कि आपका बैंक अकाउंट या मोबाइल नंबर किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है. इसके बाद डराकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं. सरकार ने ऐसे मामलों पर सख्ती बढ़ा दी है.
सरकार ने जारी किए नए सुरक्षा निर्देश

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भारत सरकार और I4C ने साइबर ठगी रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब व्हाट्सएप पर धोखाधड़ी करने वाले डिवाइस की पहचान कर उसे ब्लॉक करने की तैयारी की जा रही है. इससे डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
व्हाट्सएप का नया सिक्योरिटी फीचर क्या है?

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व्हाट्सएप ने नया सुरक्षा फीचर लॉन्च किया है जिसमें अगर कोई संदिग्ध डिवाइस आपके अकाउंट को लिंक करने की कोशिश करेगा तो तुरंत अलर्ट मिलेगा. इससे यूजर समय रहते अपने अकाउंट को सुरक्षित कर सकते हैं और अन ऑफिशियल एक्सेस रोक सकते हैं.
फर्जी नोटिस पहचानने के आसान तरीके

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अगर किसी नोटिस में तुरंत पैसे जमा करने का दबाव बनाया जाए, गिरफ्तारी की धमकी दी जाए या निजी जानकारी मांगी जाए तो सतर्क हो जाएं. असली सरकारी एजेंसियां कभी भी व्हाट्सएप चैट पर बैंक डिटेल, OTP या पासवर्ड नहीं मांगतीं. अगर फर्जी समन आए तो सबसे पहले घबराएं नहीं. पुलिस स्टेशन, साइबर सेल या सरकारी हेल्पलाइन से संपर्क कर वैरिफिकेशन करें. संदिग्ध नंबर को ब्लॉक करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें. किसी भी हालत में पैसे ट्रांसफर ना करें