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Indian Railway Rules: भारतीय रेलवे के ट्रेन छूट जाने पर दूसरी ट्रेन में यात्रा करने को लेकर अलग नियम हैं. चलिए जानते हैं किस कैटेगरी की टिकट पर दूसरी ट्रेन में सफर कर सकते हैं और कौन सी टिकट दूसरी ट्रेन में यात्रा के लिए मान्य नहीं होती है.
ट्रेन छूटने पर रेलवे के नियम

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अगर आपकी ट्रेन छूट जाती है तो इसको लेकर रेलवे के कई नियम हैं. टिकट की कैटेगरी के हिसाब से रेलवे के नियम हैं. जनरल कैटेगरी टिकट और रिजर्व ट्रेन के लिए अलग नियम हैं.
जनरल कैटेगरी की टिकट के नियम

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भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, जनरल कैटेगरी की टिकट होने पर ट्रेन छूटने की स्थिति में दूसरी ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं. इस टिकट की वैलिडिटी 3 घंटे होती है. आप टिकट लेने के बाद अगले 3 घंटे के अंदर उपलब्ध ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं.
रिजर्व कैटेगरी के लिए नियम

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आपकी टिकट रिजर्व कैटेगरी का है तो ट्रेन छूटने की स्थिति में दूसरी ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते हैं. आपको दूसरी ट्रेन में यात्रा करने के लिए अलग से टिकट लेना होगा. नियमों के अनुसार, मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी किसी भी ट्रेन में दूसरी किसी ट्रेन का टिकट मान्य नहीं होगा.
ट्रेन छूटने की स्थिति में क्या करें?

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रेलवे रिजर्व सीट पर यात्री के न होने पर अगले दो स्टेशन तक उसे किसी को नहीं देता है. आप समय से पहले ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन पकड़ सकते हैं. इस स्थिति में आपकी सीट सुरक्षित रहती है.
क्या ट्रेन छूटने पर रिफंड मिलता है?

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ट्रेन छूटने की स्थिति में किसी तरह का रिफंड नहीं मिलता है. हालांकि, अगर ट्रेन 3 घंटे से अधिक देरी से चल रही है तो इस स्थिति में आप फुल रिफंड का दावा कर सकते हैं. इस स्थिति में रिफंड के लिए ट्रेन छूटने के बाद TDR यानी टिकट डिपॉजिट रसीद फाइल करना होता है.