
1 / 7
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी के बाद अब रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से दूध, सब्जियां, पैकेट फूड, ऑनलाइन डिलीवरी और घरेलू सामान के दाम पर असर दिख सकता है.
सब्जियां और फल हो सकते हैं महंगे

2 / 7
भारत में फल और सब्जियों की सप्लाई बड़े पैमाने पर ट्रकों के जरिए होती है. डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है. आने वाले दिनों में रसोई का खर्च बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने के संकेत

3 / 7
ट्रांसपोर्ट और ऑपरेशन लागत बढ़ने के कारण दूध कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ा चुकी हैं. अब दूध के साथ-साथ दही, मक्खन, पनीर, चीज और आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स भी महंगे हो सकते हैं.
पैकेट फूड और स्नैक्स पर भी पड़ेगा असर

4 / 7
बिस्कुट, स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, एडिबल ऑयल और ड्रिंक प्रोडक्ट्स जैसे FMCG सामान पूरी तरह लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर निर्भर होते हैं. डीजल महंगा होने से इन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा.
ऑनलाइन डिलीवरी भी होगी महंगी

5 / 7
फूड डिलीवरी ऐप, कूरियर कंपनियां और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की लागत में इजाफा हो सकता है. इससे डिलीवरी चार्ज बढ़ सकते हैं, डिस्काउंट कम हो सकते हैं और मिनिमम ऑर्डर वैल्यू में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
घरेलू सामान की कीमतें बढ़ेंगी

6 / 7
फ्यूल महंगा होने से साबुन, डिटर्जेंट, शैंपू और बाकी घरेलू इस्तेमाल की चीजों की लागत बढ़ सकती है. FMCG कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में बदलाव कर सकती हैं, जिससे आम लोगों के मासिक खर्च पर असर पड़ेगा.
किसानों की लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थ हो सकते हैं महंगे

7 / 7
खेती में ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और मशीनों के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है. ईंधन महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर बाद में अनाज, दाल और दूसरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी दिख सकता है.
(All Photos Credit: Freepik)