Ganga Expressway New Technology: खास तकनीक से गंगा एक्सप्रेस वे पर कम होंगे हादसे, दूर भगा देगी नींद
Ganga Expressway New Technology: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज को मेरठ से जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस वे पर हादसे बेहद कम होंगे. सेफ्टी के लिए खास तकनीक लगाई गई है, जो ड्राइवर की नींद तुरंत भगा देगी, जिससे हादसे कम होने और सड़क सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी.

व्हाइट लाइन फीवर से सुस्त पड़ता है दिमाग
2 / 5खास तकनीक का उद्देश्य गंगा एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर को व्हाइट लाइन फीवर से बचाना है. व्हाइट लाइन फीवर वह स्थिति है, जिसमें लगातार एक सड़क पर चलते-चलते सफेद लाइनें देख-देखकर ड्राइवर का दिमाग सुस्त पड़ जाता है और वह बिना दिमाग के इधर उधर गाड़ी चलाता है और हादसा कर बैठता है
कैसे काम करेगी खास सेफ्टी तकनीक?
3 / 5गंगा एक्सप्रेसवे पर रोड के दोनों किनारों पर ‘रंबल स्ट्रिप्स’लगाई हैं, यह खास लाइनें हैं, जिनपर गाड़ी का टायर चढ़ते ही कंपन और तेज आवाज पैदा होगी जो ड्राइवर को अलर्ट करेगी, ताकि वह गाड़ी को सही दिशा में ड्राइव करे और उसे चौकन्ना भी बनाएगी. साधारण होने पर भी इस तकनीक को ज्यादा प्रभावी माना गया है.
AI से होगी एक्सप्रेसवे की मॉनिटरिंग
4 / 5गंगा एक्सप्रेस पर इस खास तकनीक की मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम भी लगाया जा रहा है. जगह जगह फुल एचडी कैमरों से वाहनों की मॉनीटरिंग भी की जाएगी, ताकि खतरे को पहचान तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा सके. पुलिस और इमरजेंसी टीम भी एक्टिव रहेगी.
गंगा एक्सप्रेस वे पर लैंड हो सकेंगे विमान
5 / 5गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका एयर स्ट्रिप है, जहां जरूरत पड़ने पर इंडियन एयरफोर्स के विमान भी लैंड करवाए जा सकते हैं. प्राकृतिक आपदा या अन्य आपातकालीन स्थिति में इसका इस्तेमाल बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए किया जा सकेगा.
.png)