हर बारिश के बाद भारत के कई शहरों में जलभराव क्यों हो जाता है, जबकि विदेशों में पानी जल्दी निकल जाता है? यह सवाल आपने कई बार लोगों को कहते सुना होगा. आइए इस स्टोरी में आसान भाषा में समझते हैं इसके पीछे की असली वजहें और क्या है दोनों देशों के सिस्टम में बड़ा अंतर क्या है.
बारिश के बाद हर साल क्यों दोहराई जाती है वही समस्या?

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दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कई दूसरे बड़े शहरों में बारिश शुरू होते ही सड़कों पर पानी भरने की तस्वीरें आम हो जाती हैं. कुछ ही मिनटों की तेज बारिश लोगों की आवाजाही रोक देती है और लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर भारत में हर साल यह परेशानी क्यों देखने को मिलती है और क्यों यह जल्दी ठीक नहीं होती है?
तेजी से बढ़ रहे शहर, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम पर नहीं दिया जा रहा ध्यान

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पिछले कुछ दशकों में भारत के शहर बहुत तेजी से फैले हैं. नई कॉलोनियां, ऊंची इमारतें और चौड़ी सड़कें तो बन गईं, लेकिन उसी रफ्तार से जल निकासी की व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी या फिर कहे कि लोगों ने उसे इतना तवज्जो दी ही नहीं है. इसी वजह से तेज बारिश होने पर ड्रेनेज सिस्टम पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ जाता है और पानी वक्त पर निकलता नहीं है और कई घंटों से लेकर कई दिनों तक जमा रहता है.
पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर भी बन रहा बड़ी चुनौती

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देश के कई शहरों में मौजूद सीवर और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम कई साल पहले की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे. अब आबादी और निर्माण कई गुना बढ़ चुके हैं, लेकिन कई जगह निकासी व्यवस्था में उतना सुधार नहीं हुआ, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ती है.
कचरा और अतिक्रमण रोक देते हैं पानी का रास्ता

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बारिश का पानी आसानी से निकल सके, इसके लिए नालों का साफ रहना जरूरी है. लेकिन कई जगह प्लास्टिक, मलबा और घरेलू कचरा नालों को जाम कर देता है. इतना ही नहीं, इसके अलावा प्राकृतिक नालों और जल निकासी के रास्तों पर अतिक्रमण होने से भी पानी का बहाव रुक जाता है, जो आगे चलकर परेशानी का कारण बनता है.
कम समय में ज्यादा बारिश भी बन रही बड़ी वजह

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मौसम में बदलाव के कारण अब कई शहरों में बहुत कम समय के भीतर तेज और भारी बारिश देखने को मिल रही है. जब बारिश की मात्रा ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता से ज्यादा हो जाती है, तब सड़कों पर पानी जमा होना लगभग तय हो जाता है.
कंक्रीट की सड़कों ने बढ़ाई मुश्किलों

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पहले बारिश का काफी पानी जमीन के अंदर चला जाता था, लेकिन अब ज्यादातर जगह कंक्रीट और डामर की सड़कें बन चुकी हैं. इससे पानी जमीन में कम समाता है और लगभग पूरा पानी सीधे नालों और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव डालता है.
क्या विदेशों में कभी जलभराव नहीं होता?

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ऐसा बिल्कुल नहीं है कि विदेशों में पानी नहीं भरता. अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, बेल्जियम और जापान जैसे विकसित देशों में भी रिकॉर्ड बारिश या बड़े तूफानों के दौरान सड़कें डूब जाती हैं. हालांकि सामान्य बारिश में वहां पानी जल्दी निकल जाता है क्योंकि उनकी जल निकासी व्यवस्था भारत की तुलना में बहुत मजबूत और नियमित रखरखाव वाली होती है.