Eid Ul Adha: बकरीद के ये 15 नाम शायद ही जानते होंगे आप, अलग-अलग देशों में ऐसे मनाया जाता है बकरीद का त्योहार

क्या आप जानते हैं बकरीद को अलग-अलग देश में अलग-अलग से जाना जाता है. आइए जानते हैं इन नामों के बारे में और इस त्योहार का इतिहास क्या है?

Eid Ul Adha Ka MATLAB Kya Hota Hai
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दुनियाभर में मुस्लिम समुदाय Eid al-Adha यानी बकरीद की तैयारियों में जुटा हुआ है. भारत में यह त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा. इस्लामी कैलेंडर के जुल हिज्जा महीने में आने वाला यह पर्व कुर्बानी और आस्था का प्रतीक माना जाता है. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि इस त्योहार को किस-किस नाम से जाना जाता है.  

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भारत में इन नामों से पहचानी जाती है बकरीद

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भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में इस त्योहार को आमतौर पर बकरीद, बकरा ईद या ईद-उल-अजहा कहा जाता है. हालांकि कई देशों में इसकी पहचान और नाम स्थानीय भाषा और संस्कृति के अनुसार अलग-अलग हैं.

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तुर्की और यूरोप में बकरीद के अलग नाम

तुर्की और यूरोप में बकरीद के अलग नाम3 / 9

तुर्की में बकरीद को 'कुर्बान बयरामी' कहा जाता है, जिसका मतलब कुर्बानी का त्योहार होता है. वहीं बोस्निया, अल्बानिया और बुल्गारिया जैसे देशों में इसे 'कुर्बान बजरम' नाम से जाना जाता है.

अरब और अफ्रीकी देशों में क्या कहते हैं

अरब और अफ्रीकी देशों में क्या कहते हैं4 / 9

मोरक्को, अल्जीरिया, मिस्र और लीबिया जैसे देशों में बकरीद को 'ईद-अल-कबीर' कहा जाता है. पश्चिमी अफ्रीका और नाइजीरिया में यह पर्व 'बब्बर सल्लाह' नाम से काफी लोकप्रिय माना जाता है.

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इंडोनेशिया और एशियाई देशों की खास पहचान

इंडोनेशिया और एशियाई देशों की खास पहचान5 / 9

दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया में बकरीद को 'इदुल अजहा' और 'लेबारान हाजी' कहा जाता है. वहीं अफगानिस्तान में इसे 'लोय अख्तर' और ईरान में 'ईद-ए-कुर्बान' कहा जाता है.

यूरोपीय देशों में ऐसे मनाई जाती है बकरीद

यूरोपीय देशों में ऐसे मनाई जाती है बकरीद6 / 9

जर्मनी में बकरीद को 'ओपफरफेस्ट' और नीदरलैंड में 'ओफरफेस्ट' कहा जाता है.

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सोमालिया और कजाकिस्तान में भी अलग नाम

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सोमालिया में इस पर्व को 'सीदवयनी' कहा जाता है, जबकि कजाकिस्तान में 'कुर्बान ऐत' नाम से जाना जाता है. कुर्दिश क्षेत्रों में इसे 'जेना कुर्बाने' और बर्बर भाषा में 'तफास्का तमोक्कार्त' कहा जाता है.

आखिर क्यों मनाई जाती है बकरीद

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पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी, त्याग और अल्लाह के प्रति अटूट समर्पण की याद में दुनियाभर में बकरीद मनाई जाती है. इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने उनकी आस्था और भक्ति की परीक्षा लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी मांगी थी. पैगंबर इब्राहिम ने बिना किसी संकोच के अपने बेटे की कुर्बानी देने की तैयारी कर ली थी. जैसे ही पैगंबर इब्राहिम ने बेटे पैगंबर इस्माइल को जबा करने शुरू किया, तभी उनकी सच्ची निष्ठा और विश्वास को देखकर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक दुंबे को कुर्बानी के लिए भेज दिया और उनकी परीक्षा पूरी मानी. तभी से ईद-उल-अजहा को कुर्बानी, त्याग, इंसानियत और अल्लाह के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है.

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कुर्बानी और इंसानियत का संदेश देता है त्योहार

कुर्बानी और इंसानियत का संदेश देता है त्योहार9 / 9

बकरीद सिर्फ कुर्बानी का त्योहार नहीं बल्कि इंसानियत, त्याग और जरूरतमंदों की मदद का भी संदेश देता है. दुनिया के अलग-अलग देशों में इसके नाम भले बदल जाते हों, लेकिन इसकी भावना हर जगह एक जैसी रहती है. कुर्बानी के जानवर के मास के तीन हिस्से करना जरूरी है, जिसमें एक गरीबों का, दूसरी उन रिश्तेदारों का जिनके यहां कुर्बानी नहीं हुई है और तीसरा खुद के लिए. तीनों हिस्सों का बराबर होना जरूरी है. (Image: Pexels)

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Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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