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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दावा किया है कि भारत की जमीन में आज भी करीब 50 करोड़ टन सोने के अयस्क छिपे हुए हैं. उनका कहना है कि नीतियों की कमी की वजह से हम अपनी ही जमीन का खजाना नहीं निकाल पा रहे और विदेशों पर निर्भर हैं.
कितना शुद्ध सोना निकलेगा?

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हैरानी की बात यह है कि 50 करोड़ टन कच्चे सोने से केवल 600 टन शुद्ध सोना ही प्राप्त किया जा सकता है. जानकारों के मुताबिक एक टन अयस्क में से महज 1 से 4 ग्राम असली सोना ही बाहर आता है जो तकनीकी रूप से काफी मुश्किल काम है.
क्यों है आयात पर निर्भरता?

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भारत में फिलहाल हर साल केवल आधा टन से दो टन के बीच ही सोने का खनन मुमकिन हो पाता है. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए हमें ऑस्ट्रेलिया और घाना जैसे देशों से हजारों करोड़ का सोना हर साल मंगाना पड़ता है.
कहां है सोने का भंडार?

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भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की खदानों से निकाला जाता है जो देश के कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल रिजर्व बैंक के पास 880 टन सोने का भंडार मौजूद है जो हमारी आर्थिक मजबूती को दिखाता है.
आम लोगों के पास कितना सोना?

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सरकारी खजाने से कहीं ज्यादा सोना भारत की आम जनता के पास है जिसकी मात्रा करीब 24 हजार टन बताई जाती है. यह भंडार दुनिया के टॉप 10 देशों के केंद्रीय बैंकों के कुल रिजर्व से भी कहीं ज्यादा है जो भारत को सोने की चिड़िया बनाता है.
क्या है दुनिया का हाल?

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पूरी दुनिया में अब तक कुल सवा लाख टन सोने का ही खनन किया जा सका है जो मानव सभ्यता की शुरुआत से अब तक का हिसाब है. अगर दुनिया के सारे सोने को पिघलाकर एक बॉक्स बनाया जाए तो वह महज 22 मीटर ऊंचा ही होगा.