19 मई को गुवाहाटी में होने वाली सीनियर सिलेक्शन कमेटी की मीटिंग में भारत के भविष्य के T20I प्लांस पर चर्चा होने की उम्मीद है. हालांकि मीटिंग का ऑफिशियल एजेंडा अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए टीम का चयन करना है, लेकिन इस साल के आखिर में होने वाली आयरलैंड और इंग्लैंड T20I सीरीज की तैयारियों पर भी ध्यान दिया जा सकता है.

2 / 6
'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक ये मीटिंग मार्च में सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद सेलेक्टर्स की पहली फेस टू फेस मीटिंग होगी. उस जीत के बाद, टीम मैनेजमेंट और BCCI के कई सदस्य शुरू में आने वाले मैचों के लिए उसी लीडरशिप ग्रुप को जारी रखने में दिलचस्पी दिखा रहे थे.

3 / 6
हालांकि सूर्यकुमार के हालिया बैटिंग पॉर्फॉर्मेंस ने कथित तौर पर फैसला लेने वालों को अपने लंबे समय के प्लांस पर फिर से विचार करने पर मजबूर कर दिया है. वर्ल्ड कप और आईपीएल 2026 के दौरान उनकी कंसिस्टेंसी की कमी ने इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं कि क्या भारत को उम्मीद से पहले ही लीडरशिप में बदलाव की योजना बनाना शुरू कर देना चाहिए.

4 / 6
भारत का बड़ा टारगेट 2027 का ODI वर्ल्ड कप है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाला 2028 का टी20 वर्ल्ड कप भी एक बड़ी प्रायोरिटी है. चूंकि सूर्यकुमार इस साल के आखिर में 36 साल के हो जाएंगे, इसलिए कुछ अधिकारियों का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को भविष्य के टूर्नामेंट्स के लिए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है.

5 / 6
इन चिंताओं के बावजूद, सिलेक्टर्स के पास फिलहाल टी20 इंटरनेशनल की कप्तानी संभालने के लिए कोई क्लियर ऑप्शन तैयार नहीं है. हालांकि कई खिलाड़ियों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन सबसे छोटे फॉर्मेट में किसी भी खिलाड़ी ने खुद को बेहतरीन उत्तराधिकारी के तौर पर मजबूती से स्थापित नहीं किया है.

6 / 6
जुलाई 2024 में भारत के फुल टाइम T20I कप्तान बनने के बाद से सूर्यकुमार की बैटिंग फॉर्म में काफी गिरावट आई है. आईपीएल 2025 के एक मजबूत कैंपेन को छोड़कर, उन्हें रेगुलरली बड़ी पारियां खेलने में संघर्ष करना पड़ा है, और उनका निराशाजनक प्रदर्शन मौजूदा आईपीएल सीजन में भी जारी है.