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Angkrish Raghuvanshi: आमतौर पर इस तरह का डिसमिसल जेंटलमैन गेम में इतना आम नहीं है. इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में तो ये और भी ज्यादा रेयर है. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि ये आखिर आउट होने का क्या तरीका है.
अंगकृष के तरीके पर ऐतराज

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कैमरून ग्रीन के साथ दौड़ते वक्त हुई कंफ्यूजन के बाद, अंगकृष रघुवंशी को स्ट्राइकर एंड पर वापस भेज दिया गया.आखिरकार वो क्रीज की ओर मुड़े, फिर फील्डर प्रिंस यादव ने बॉल को पकड़ा और स्टंप की तरफ निशाना लगाया, लेकिन रघुवंशी ने अनजाने में अपनी रनिंग का रास्ता बदल दिया. वो क्रिज पर डाइव लगाते वक्त और स्टंप की तरफ जा रही बॉल के बीच में आ गए.
अंपायर का अहम फैसला

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भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद फील्ड अंपायर्स को अंदाजा नहीं लग पाया कि अंगकृष रघुवंशी ने नियम तोड़ा है या नहीं. कंफर्मेशन के लिए उन्होंने थर्ड अंपायर की मदद ली, जिसके बाद 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' नियम के तहत उन्हें आउट दे दिया गया.
नियम क्या कहते हैं?

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क्रिकेट के कानून 37 के तहत अंगकृष रघुवंशी ने बिना किसी 'संभावित कारण' (जैसे टक्कर से बचना) के, सिर्फ रन-आउट की कोशिश में रुकावट डालने के लिए अपना रास्ता बदला. इस फैसले से अंगकृष रघुवंशी और केकेआर मैनेजमेंट नाराज हो गए.
'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' को समझें

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इस कानून के मुताबिक, अगर बैटर जानबूझकर फील्डिंग साइड को शब्दों या हरकतों से रुकावट डालने या ध्यान भटकाने की कोशिश करता है, तो उसे 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' माना जाएगा, ऐसे हालात में अंपायर दोषी बल्लेबाज को आउट दे सकते हैं.
IPL में ऐसे कितने बैटर आउट हुए?

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इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अब तक सिर्फ 4 बल्लेबाज 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' नियम के तहत आउट हुए हैं, जिनमें अंगकृष रघुवंशी के अलावा यूसुफ पठान, अमित मिश्रा और रवींद्र जडेजा का नाम शामिल है. अब देखना है कि इस तरह से पवेलियन लौटने वाला 5वां बैटर कौन होगा.