'क्रिकइंफो ऑनर्स अवॉर्ड 2026' में सचिन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कई बातें कहीं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सूर्यवंशी को अपनी सहज नेचर पर भरोसा रखना चाहिए और जैसे-जैसे वो खेल में आगे बढ़ रहे हैं, हर तजुर्बे से सीखने पर ध्यान देना चाहिए.

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सचिन ने कहा, 'मैं वैभव से बस यही कहूंगा कि वो जैसे हैं, वैसे ही रहें. हर चीज पहली बार ही होती है. टेस्ट क्रिकेट में, वक्त और उम्र के साथ, वो सीखेंगे कि अलग-अलग चुनौतियों का सामना कैसे करना है, और साथ ही उनका नजरिया हमेशा सॉल्यूशन खोजने वाला होना चाहिए.'

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सचिन तेंदुलकर ने समझाया कि चुनौतियां एक बैटर के करियर का एक ऐसा हिस्सा हैं जिनसे बचा नहीं जा सकता, और कामयाबी अक्सर दबाव में रहते हुए सही जवाब खोजने पर निर्भर करती है. 'समस्याएं हमेशा रहेंगी, आपके करियर के आखिरी दिन तक, जब तक आप आखिरी गेंद का सामना नहीं कर लेते. गेंदबाज हर गेंद के साथ आपसे एक सवाल पूछता है. अब, आप उसका क्या समाधान निकालते हैं?'

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भारत के पूर्व कप्तान ने इस युवा खिलाड़ी के कॉन्फिडेंस और क्रीज पर उनके नेचुरल अप्रोच की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, 'वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बहुत कॉन्फिडेंस से भरे दिखते हैं और उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि उन्हें क्या करना है. मैं उनकी नेचुरल इंस्टिंक्ट में दखल नहीं देना चाहूंगा, क्योंकि जिस तरह से वो गेंद को देखते हैं और जिस तरह से उस पर रिएक्ट करते है, वो बहुत अहम है.'

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सूर्यवंशी का आईपीएल कैंपेन ऐतिहासिक रहा; उन्होंने 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन बनाए. उन्होंने 5 बड़े अवॉर्ड जीते, 72 छक्के जड़े, 2 शतक बनाए और टूर्नामेंट के कई रिकॉर्ड तोड़े, जिससे क्रिकेट के सबसे होनहार युवा सितारों में से एक के तौर पर उनकी साख और मजबूत हुई.

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उनके भविष्य को लेकर इतनी चर्चा और उत्साह होने के बावजूद, तेंदुलकर ने फैंस से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, 'सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी मोड़ पर टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए देखना चाहेगा.' उन्होंने आगे कहा कि फैंस को इस युवा खिलाड़ी का हौसला बढ़ाना चाहिए और टीम में चयन से जुड़े फैसले सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट पर छोड़ देने चाहिए, जबकि खुद उन्हें इस खेल में इस खिलाड़ी की लगातार हो रही तरक्की का लुत्फ उठाना चाहिए.