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Suryakumar Yadav Ravichandra Ashwin
सूर्यकुमार यादव ने न सिर्फ कप्तानी गंवाई, बल्कि उन्हें T20I टीम से भी बाहर किया गया. इस खबर ने कई लोगों को हैरान कर दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि उनकी कप्तानी में भारत ने 2026 का टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.

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अपने यू-ट्यूब चैनल पर बात करते हुए, अश्विन ने अय्यर को सीधे कप्तानी का रोल देने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हालांकि अय्यर T20 टीम में जगह पाने के हकदार हैं, लेकिन ये समझ से परे है कि सेलेक्टर्स उन्हें अचानक कप्तानी के लिए सबसे सही उम्मीदवार क्यों मान रहे हैं.

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अश्विन का तर्क है कि भारत की T20 टीम पहले से ही बैलेंस्ड है और इसमें ऐसी कोई बड़ी कमी नहीं है जिसके लिए बड़े बदलावों की जरूरत हो. उन्होंने कहा कि स्पिन-बॉलिंग ऑप्शंस से जुड़ी चिंताओं को छोड़कर, टीम मजबूत और स्थिर है, इसलिए अचानक कप्तानी बदलने का फैसला समझ से परे है.

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दिग्गज स्पिनर ने आईपीएल कप्तान के तौर पर अय्यर की अचीवमेंट्स को माना, जिसमें कोलकाता नाइटराइडर्स को खिताब जिताना और पंजाब किंग्स को रनर-अप बनाना शामिल है. हालांकि, उनका मानना है कि सिर्फ घरेलू फ्रेंचाइजी में मिली सफलता के आधार पर ही नेशनल टीम की कप्तानी नहीं मिलनी चाहिए.

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अश्विन ने बल्ले से खराब फॉर्म के बावजूद सूर्यकुमार का बचाव भी किया. पुराने महान कप्तानों की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि खराब फॉर्म किसी कप्तान को हटाने का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए. इसके बजाय, उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जरूरत हो तो सूर्यकुमार को एक बैटर के तौर पर क्लियर रोल दिया जाए.

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उन्होंने बार-बार कप्तान बदलने से पैदा होने वाली अस्थिरता के खिलाफ भी चेतावनी दी. अश्विन ने कहा कि लंबे समय तक कामयाबी के लिए निरंतरता जरूरी है और बड़े टूर्नामेंट में सीनियर मैच-विनर्स की अहमियत पर जोर दिया. गौरतलब है कि सूर्यकुमार ने भारत के T20I कप्तान के तौर पर शानदार सफलता हासिल की है और अपनी कप्तानी में खेले गए 52 मैचों में से 40 जीते हैं.