प्रिंस यादव को 14 जून से शुरू होने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिा से पहली बार बुलावा आया है. इस टैलेंट पेसर ने आईपीएल 2026 सीजन के दौरान लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए अपनी परफॉर्मेंस से सभी को इम्प्रेस किया और नेशनल टीम में सीनियर भारतीय गेंदबाजों के साथ अपनी जगह बनाई.

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इस ऐलान के बाद एएनआई से बात करते हुए, प्रिंस यादव के पिता राम निवास यादव ने बताया कि यह पल पूरे परिवार के लिए कितना भावुक था. उन्होंने कहा कि उनकी कम्यूनिटी के लोग इस अचीवमेंट का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए, जबकि परिवार के सदस्यों ने भी भगवान का धन्यवाद देने के लिए मंदिरों का दौरा किया. उनके मुताबिक, भारत के लिए चयन प्रिंस के आईपीएल में मिली सफलता से भी बड़ी कामयाबी लगी.

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राम निवास ने प्रिंस के क्रिकेट के शुरुआती मुश्किल सफर को भी याद किया. कई मॉडर्न क्रिकेटर्स के उलट, प्रिंस ने अपनी किशोरावस्था का ज्यादा समय महंगी एकेडमीज में ट्रेनिंग लेने के बजाय टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलने में बिताया. वो लोकल कॉम्पिटिशन के लिए सूरत और मुंबई जैसे शहरों की यात्रा करता था और अक्सर अपने ख्वाबों का पीछा करते हुए अपने खर्चों का मैनेज खुद करता था.

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उस ख्वाब के पीछे की गई कुर्बानियां भी उतने ही असाधारण थे. उसके पिता ने बताया कि प्रिंस कभी-कभी ट्यूशन क्लास छोड़ देता था और बचाए हुए पैसों का इस्तेमाल क्रिकेट का सामान खरीदने के लिए करता था. हालांकि उसके परिवार ने शुरू में चाहा था कि वो पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे क्योंकि क्रिकेट में बहुत ज्यादा कॉम्पिटिशन है, लेकिन प्रिंस इस खेल में कामयाब होने के लिए डेडिकेटेड रहे.

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सबसे भावुक पल तब आया जब प्रिंस ने खुद फोन करके अपने पिता को भारत के लिए अपने सिलेक्शन के बारे में बताया. राम निवास ने माना कि ये खबर पूरी तरह से एक खुशी से भरा हुआ सरप्राइज था और उन्होंने इसे सालों की कड़ी मेहनत और धैर्य के बाद अपने जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक बताया.

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पिछले एक साल में प्रिंस का तेजी से ग्रोथ जबरदस्ता रहा है. दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने 12 आईपीएल मैचों में 16 विकेट लिए और दबाव में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया. मिडिल और डेथ ओवरों के दौरान उनकी मैच्योरिटी ने सिलेक्टर्स को इम्प्रेस किया, जिसके बाद उन्हें भारतीय वनडे टीम में जगह मिली.