इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहले टेस्ट के शुरुआती 2 दिनों में तेजी से गिरते विकेटों को देखते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने लॉर्ड्स की पिच की हालत पर चिंता जताई है. सिर्फ 2 दिनों में 33 विकेट गिरने के बाद, वॉन का मानना है कि पिच ने गेंदबाजों को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाया है और बल्लेबाजों के लिए खेलना बहुत मुश्किल बना दिया है.

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न्यूजीलैंड ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 254 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए 3 विकेट पर 36 रन बना लिए थे. इंग्लैंड को अब जीत हासिल करने और सीरीज की अच्छी शुरुआत करने के लिए सिर्फ 7 और विकेट चाहिए. इंग्लैंड की मजबूत स्थिति के बावजूद, लंदन की पिच पूर्व क्रिकेटर्स और विश्लेषकों के बीच चर्चा का अहम विषय बन गई है.

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शुरुआत से ही इस मैच में गेंदबाजों का दबदबा रहा है. बारिश के दखल के बीच पहले दिन 16 विकेट गिरे, जबकि दूसरे दिन 79 ओवरों में 17 और विकेट लिए गए. पिच से मिलने वाले जबरदस्त उछाल और गेंद के काफी ज्यादा स्विंग होने से दोनों टीमों के बल्लेबाजों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ा है.

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वॉन का कहना है कि इस मुकाबले में बल्ले और गेंद के बीच सही बैलेंस की कमी रही है. उनके मुताबिक गेंदबाजों को कोई असाधारण गेंद फेंकने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि पिच ने ही ज्यादातर चुनौतियां पैदा कर दी थीं. उन्होंने सुझाव दिया कि टेस्ट मैच में किसी एक टीम का ज्यादा साइड लेने के बजाय दोनों तरह की स्किल (बल्लेबाजी और गेंदबाजी) को अहमियत मिलनी चाहिए.

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पूर्व कप्तान ने बल्लेबाजों को लेकर भी हमदर्दी जताई और कहा कि लॉर्ड्स क्रिकेट के सबसे आइकॉनिक मैदानों में से एक है और खिलाड़ी बेहतर पिच के हकदार हैं. उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से बेहतरीन खिलाड़ी भी ऐसे हालात में खेलने के लिए स्ट्रगल करते दिखे हैं, जहाँ उनके टिके रहने की संभावना बहुत कम होती है.

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हालांकि न्यूजीलैंड को अभी भी 218 रनों की जरूरत है, लेकिन वॉन का मानना है कि अटैकिंग क्रिकेट ही उनकी जीत की सबसे अच्छी उम्मीद हो सकती है. उन्होंने केन विलियमसन के आउट होने को पिच की मुश्किलों का सबूत बताया और कहा कि ऐसी चैलेंजिंग पिच पर कामयाब होने के लिए सिर्फ डिफेंसिव गेम काफी नहीं हो सकता.