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पीटीआई की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई इस बात से संतुष्ट है कि पिछले कुछ सालों में बुमराह के वर्कलोड को किस तरह से मैनेज किया गया है. थकान को लेकर चिंताओं के बावजूद, चयनकर्ताओं का कथित तौर पर मानना है कि इस सीनियर पेसर को फिलहाल इंटरनेशनल क्रिकेट से लंबे ब्रेक की जरूरत नहीं है.

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जसप्रीत बुमराह के 6 जून से न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में या 14 जून से शुरू होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज में खेलने की उम्मीद है. आखिरी फैसला वर्कलोड मैनेजमेंट और बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों से पहले टीम के लॉन्ग टर्म प्लान पर डिपेंड कर सकता है.

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भारत को T20 वर्ल्ड कप का खिताब कामयाबी के साथ डिफेंड करने में मदद करने के बाद, बुमराह ने आईपीएल की जिम्मेदारियों पर लौटने से पहले 3 हफ्ते का छोटा ब्रेक लिया था. उन्होंने इस सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए हर मैच खेला और कुछ मैचों में कप्तान के तौर पर फ्रैंचाइजी की अगुवाई भी की, जिससे उनके पहले से ही बिजी शेड्यूल में और जिम्मेदारियां जुड़ गईं.

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इस बात पर अभी भी चर्चा चल रही है कि जसप्रीत बुमराह को टेस्ट मैच खेलना चाहिए या वनडे क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए. चूंकि मुंबई इंडियंस का आईपीएल कैंपेन 24 मई को खत्म हो रहा है, इसलिए अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से पहले उनके पास रिकवरी के लिए बहुत कम वक्त होगा. कुछ पिछली रिपोर्ट्स में ये सुझाव दिया गया था कि उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट से आराम दिया जा सकता है, क्योंकि ये मैच मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल से बाहर है.

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सिलेक्टर्स आकिब नबी, प्रसिद्ध कृष्णा और अंशुल कंबोज जैसे उभरते हुए तेज गेंदबाजों को भी मौके देने पर विचार कर रहे हैं, खासकर तब जब हर्षित राणा और आकाश दीप इंजरी से जूझ रहे हैं. इस बीच बुमराह की वनडे क्रिकेट में वापसी भारत को वर्ल्ड कप 2027 के रोडमैप के लिए उन्हें धीरे-धीरे तैयार करने में मदद कर सकती है.

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अफगानिस्तान के खिलाफ भारत को सीरीज का इकौलता टेस्ट मैच 6 से 10 जून के बीच मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम में खेलना है. इसके बाद 14 जून से 20 जून के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई के मैदानों में खेली जाएगी.