‘बंद कर दो रणजी ट्रॉफी, अगर …’ BCCI समेत सिलेक्शन कमेटी पर क्यों भड़का क्रिकेट का कर्नल?
Dilip Vengsarkar Slams Selectors Over Auqib Nabi Exclusion: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने नेशनल सिलेक्टर्स की कड़ी आलोचना की है, जिन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट मैच के लिए भारत की टीम से जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को बाहर कर दिया. अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति को इस फैसले के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा, जबकि नबी ने 2025-26 की रणजी ट्रॉफी में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया था.

आकिब नबी ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर अपना सफर खत्म किया; उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट लिए और उनका औसत 12.56 का बेहतरीन रहा. उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने में कामयाब रही. 29 साल के इस तेज गेंदबाज को पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार मैच जिताने वाले प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया.
2 / 6इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने नॉकआउट मुकाबलों में कई यादगार स्पेल डाले. क्वार्टरफाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 12-110 का फिगर दिया, और उसके बाद सेमीफाइनल में बंगाल के खिलाफ 9-123 का स्कोर दर्ज किया. फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ आकिब नबी ने एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी और हुबली में पहली पारी में 5-54 का स्कोर बनाया.
3 / 6दिलीप वेंगसरकर ने 'टीओई' के जरिए सिलेक्टर्स के इस फैसले पर निराशा जाहिर की और सवाल उठाया कि ऐसे शानदार प्रदर्शन को कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है. पूर्व चीफ सिलेक्टर्स के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में लगातार खुद को साबित करने के बाद, नबी कई दूसरे खिलाड़ियों के मुकाबले टीम में जगह पाने के ज्यादा हकदार थे. उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि रणजी ट्रॉफी के बेहतरीन प्रदर्शनों को नजरअंदाज करने से पूरे देश के युवा क्रिकेटरों को गलत संदेश जाता है.
4 / 6भारत के पूर्व कप्तान ने आगे ये तर्क दिया कि गेंदबाजी की गति के मुकाबले विकेट लेने की क्षमता ज्यादा मायने रखनी चाहिए. खबरों के मुताबिक, नबी को इसलिए नजरअंदाज किया गया क्योंकि वह बहुत तेज गति से गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन वेंगसरकर ने इस तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि गेंदबाज की निरंतरता और विकेट लेने की क्षमता ही सिलेक्शन का मुख्य आधार होना चाहिए.
5 / 6चूंकि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, इसलिए वेंगसरकर का मानना था कि ये नबी को इंटरनेशल लेवल पर मौका देने का सबसे सही समय था. भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान और मुंबई के पूर्व कप्तान शिशिर हट्टंगड़ी ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए और सार्वजनिक तौर पर नबी का समर्थन किया.
6 / 6इस बीच चयनकर्ताओं ने इसके बजाय पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को टेस्ट और वनडे, दोनों टीमों में पहली बार शामिल किया है. सिलेक्शन कमेटी के करीबी सूत्रों ने 'इंडिया ए' के लिए बराड़ के प्रदर्शन और पंजाब के लिए उनके शानदार विजय हजारे ट्रॉफी सीजन का जिक्र करते हुए इस फैसले का बचाव किया.



















