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Premanand Ji Maharaj Pravachan: वृंदावन के मशहूर संतों में से एक कथावाचक प्रेमानंद महाराज को कई लोग अपना गुरु मानते हैं. बाबा के प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर-दूर से वृंदावन जाते हैं. प्रवचन के दौरान महाराज जी अपने भक्तों की परेशानियां सुनते हैं और उन्हें उनका समाधान बताते हैं. इस दौरान कई बार उन्होंने नाम जाप के महत्व और लाभ के बारे में बताया है. आज हम आपको प्रेमानंद महाराज द्वारा नाम जाप करने के तीन तरीकों और उनके महत्व व लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं.

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वाचिक जाप: जब आप कोई मंत्र या देवी-देवता का नाम जोर-जोर से बोलकर जाप करते हैं जो दूसरों को अच्छे से सुनाई देता है, उसे वाचिक जाप कहा जाता है. वाचिक जाप से शरीर के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भय-चिंताएं दूर होती हैं. साथ ही मानसिक शांति मिलती है. इस जाप से नींद में भी सुधार होता है.

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उपांशु जाप: इस जाप में होंठ और जीभ हिलते हैं, लेकिन आवाज किसी को भी सुनाई नहीं देती है. प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि उपांशु जाप से एकाग्र शक्ति बढ़ती है और आध्यात्मिक उन्नति होती है. इसके अलावा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है.

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मानसिक जाप: मानसिक जाप मन से होता है. इसमें न तो आवाज आती है और न ही होंठ और जीभ हिलते हैं. व्यक्ति शांत रहकर आंख बंद करके मन ही मन जाप करता है. माना जाता है कि जो लोग मानसिक जाप करते हैं, उनका मूड अच्छा रहता है और उन्हें छोटी-छोटी बातों पर टेंशन नहीं होती है. ये हर परिस्थिति में अपने आप को संभाल लेते हैं.

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नाम जाप के नियम: प्रवचन के दौरान कथावाचक प्रेमानंद महाराज ने कई बार बताया है कि नाम जाप से जुड़ा कोई विशेष नियम नहीं है. देवी-देवताओं का नाम जाप आप कहीं पर भी, किसी भी स्थिति में, किसी भी समय पर व हर अवस्था में कर सकते हैं.

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नाम जाप के लाभ: प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि नाम जाप में अद्धुत शक्ति है. इससे न सिर्फ पाप नष्ट होते हैं, बल्कि देवी-देवताओं का भी विशेष आशीर्वाद साधक पर रहता है. नाम जाप में इतनी शक्ति है कि इसके प्रभाव से आप बड़ी से बड़ी मुश्किल से बच सकते हैं.

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(All Photo Credit- Social Media & AI Gemini) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.