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मां की भूत-प्रेत संबंधी परेशानी लेकर पहुंचा. उसने महाराज से 'भूतों का राजा' बनने का मंत्र मांगा, जिस पर महाराज ने हास्य के साथ गहन आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया. उन्होंने भगवान का नाम जपने पर जोर दिया, जो न केवल भय दूर करता है बल्कि सभी योनियों के उद्धार का साधन है.
'शैतानों का राजा' बनने की चाह

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एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि उनकी मां को भूत परेशान कर रहे हैं. इसलिए वे भूतों पर शासन करना चाहते हैं और 'शैतानों का राजा' बनना चाहता है. महाराज जी इस पर मुस्कुराए और तुरंत समझाया कि ऐसी नकारात्मक इच्छा छोड़ दो.
भूतों के स्वामी भगवान शंकर

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प्रेमानंद महाराज ने बताया कि भूतों के स्वामी भूतेश्वर भगवान शंकर हैं. भूतों का राजा बनने की बजाय शख्स को देवताओं का राजा बनना चाहिए. भगवान का नाम जप ही इच्छापूर्ति का सर्वोत्तम मार्ग है. यह उपाय सभी विपत्तियों से मुक्ति दिलाता है.
'भूत पिशाच निकट नहीं आवे'

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'भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे' का उदाहरण देते हुए प्रेमानंद महाराज बोले कि राम, कृष्ण या राधा नाम से भूत योनि से ही मुक्ति मिल जाती है. नाम जप से भूत भी कल्याण की ओर बढ़ते हैं. कोई भय न पालें.
प्रेमानंद जी ने बताया अनुभव

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प्रेमानंद महाराज ने बताया कि उन्होंने स्वयं श्मशान और गंगा तट पर भूतों का सामना किया है. कभी कोई हानि नहीं हुई, बल्कि उनका उद्धार ही हुआ. भगवान की इच्छा के बिना भूत कुछ नहीं बिगाड़ सकते. कर्मों पर निर्भर करता है प्रभाव.
भूत 84 लाख योनियों में से एक

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प्रेमानंद जी ने बताया कि भूत 84 लाख योनियों में से एक हैं, जो खराब कर्मों वाले को ही कष्ट देते हैं. प्रभावित व्यक्ति को भगवान नाम सुनाएं, जल छिड़कें या पिलाएं. इससे तुरंत राहत मिलती है. डरना व्यर्थ है.
भगवान के दास बनने की अपील

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सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का उपदेश भी वायरल हो रहा है जिसमें वो भक्तों से शैतानों का राजा बनने की बजाय भगवान के दास बनने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि नाम जप से जीवन की सभी उलझनें सुलझ जाती हैं. महाराज का यह उपदेश वायरल हो रहा है.
प्रेमानंद महाराज का सत्संग

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प्रेमानंद महाराज अक्सर अपने सत्संग मानसिक तनाव या दुविधा में नाम जप करने की सलाह देते हैं. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जिससे लोगों को प्रेरणा मिलती है.