महाभारत में अर्जुन को क्यों करना पड़ा एक नागकन्या से विवाह? जानिए कौन थीं उनकी दूसरी पत्नी उलूपी

Mahabharat Unknown Facts: महाभारत काल में पाण्डु पुत्र अर्जुन और द्रौपदी का विवाह हुआ था, इस बारे में तो अधिकतर लोगों को पता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि अर्जुन ने द्रौपदी के अलावा नागकन्या उलूपी से भी विवाह किया था? यदि नहीं, तो चलिए इससे जुड़ी कथा के बारे में विस्तार से जानते हैं.

arjun wife ulupi
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द्वापरयुग के अंत में महाभारत का युद्ध हुआ था, जिससे जुड़े कई राज आज भी लोगों को नहीं पता हैं. खासकर, पांडवों से जुड़ी कई ऐसी कहानियां हैं, जो इतिहास में अभी तक गुम हैं. इसी में से एक अर्जुन की दूसरी शादी से जुड़ा रहस्य है. चलिए जानते हैं उस कारण के बारे में, जिसके चलते अर्जुन को द्रौपदी के अलावा नागकन्या उलूपी से विवाह करना पड़ा था. (Image Credit- AI Gemini)

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अर्जुन पर मोहित हो गई थीं नागकन्या

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्रौपदी से विवाह करने के बाद कुछ समय के लिए अर्जुन अकेले वन में रहने के लिए गए थे. इस दौरान नागकन्या उलूपी ने अर्जुन को देखा और मोहित हो गई. नागकन्या उलूपी ने बिना डरे अर्जुन से अपने दिल की बात कही और विवाह का प्रस्ताव रखा. (Image Credit- Pinterest)

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नागकन्या उलूपी ने दी थी धमकी

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कहा जाता है कि अर्जुन ने नागकन्या उलूपी से विवाह करने के लिए मना कर दिया था. लेकिन नागकन्या अपनी जिद्द पर अड़ी रही और प्राण त्यागने की धमकी दी. ऐसे में अर्जुन ने भावनात्मक दबाव और उलूपी के प्रति करुणा के कारण उनसे विवाह किया. (Image Credit- Pinterest)

अर्जुन और नागकन्या का एक पुत्र भी था

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आपको बता दें कि अर्जुन और नागकन्या उलूपी का एक पुत्र भी था, जिसका नाम इरावन था. हालांकि, कुछ शास्त्रों में इरावान को इरावत नाम से जाना गया है. (Image Credit- Freepik)

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इरावन ने की थी अर्जुन की मदद

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पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन के बेटे इरावन ने पांडवों की मदद की थी. इरावन एक महान पराक्रमी धनुर्धर थे. साथ ही उन्हें मायावी शक्तियों का ज्ञाता माना जाता था. (Image Credit- Pinterest)

देवता के रूप में इरावन की होती है पूजा

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दक्षिण भारत में इरावन की पूजा एक देवता के रूप में की जाती है. वहां उनके सर्वोच्च बलिदान व वीरता को याद किया जाता है. आपको बता दें कि उन्होंने महाभारत युद्ध में स्वेच्छा से पांडवों की जीत के लिए अपनी बलि दी थी. (Image Credit- Social Media) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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