Kanwar Yatra 2026 Date: साल 2026 में कांवड़ यात्रा कब से आरंभ हो रही है और कांवड़ यात्रा का जल किस दिन है. इसको लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. आइये कांवड़ यात्रा की तारीख और कांवड़ियों के लिए सख्त नियमों के बारे में जानते हैं.
सावन जल की तारीख

3 / 7
सावन शिवरात्रि का पर्व 11 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन कांवड़ यात्रा का समापन होगा. हालांकि, कई लोग दूर से यात्रा के लिए जाने वाले लोग पूरे सावन के महीने कांवड़ यात्रा करते हैं. कांवड़ यात्रा कर भक्त जल लेने के लिए हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख या ऋषिकेश जाते हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. चलिए इनके बारे में जानते हैं.
कांवड़ को जमीन पर न रखें

4 / 7
कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार कांवड़ या जल को उठा लेते हैं, तो इसे फिर से जमीन पर नहीं रखते हैं. इस बात का ध्यान रखना चाहिए. कांवड़ और जल को शुद्ध और साफ जगह पर पेड़ की शाखाओं या स्टैंड पर ही रखें. कांवड़ को जमीन पर रखने से यह खंडित हो जाती है.
खान-पान से जुड़े नियम

5 / 7
खाने पीने से जुड़े कई नियमों को अपनाना चाहिए. भक्तों को तामसिक भोजन, प्याज-लहसुन खाने से बचना चाहिए. तंबाकू, सिगरेट और भांग का नशा करने से बचें. किसी भी प्रकार का नशा करके यात्रा नहीं करनी चाहिए.
शुद्धता और पवित्रता

6 / 7
कांवड़ यात्रा के दौरान शुद्धता और पवित्रता का खास ध्यान रखना चाहिए. साफ भगवा कपड़ा धारण करना चाहिए. अगर शौच के लिए जाते हैं, तो नहाने और कपड़े बदलने के बाद कांवड़ को हाथ लगाएं. कांवड़ यात्रा के दौरान शारीरिक और मानसिक शुद्धता का ध्यान रखें.
भगवान शिव का ध्यान

7 / 7
कांवड़ यात्रा के दौरान हमेशा शिव जी का ध्यान करना चाहिए. भगवान शिव के जयघोष और नारों के साथ कांवड़ यात्रा करनी चाहिए. इस दौरान अपशब्द बोलने और विवाद करने से बचना चाहिए. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.