Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ मंदिर में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा. रथ यात्रा में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.
जगन्नाथ मंदिर

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भगवान जगन्नाथ का मंदिर ओडिशा के पुरी में स्थित है. पुरी के जगन्नाथ मंदिर को धरती का बैकुंठ धाम माना जाता है. यह मंदिर भारत के बड़े चार धाम में से एक है. बता दें कि, बड़े चार धाम में बद्रीनाथ, द्वारिका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम शामिल हैं.
मंदिर के ध्वज का रहस्य

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जगन्नाथ मंदिर के ध्वज से जुड़ा एक खास रहस्य है. मंदिर के शिखर पर लगा झंडा हवा के विपरित हवा में लहराता है. जबकि कोई भी कपड़ा या झंडा हवी की दिशा के अनुसा लहराता है. इस मंदिर के ऊपर लगा ध्वज रोज बदलता जाता है. अगर एक भी दिन झंडा नहीं बदलता जाता है, तो मंदिर को 18 साल के लिए बंद करान होगा.
जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद का रहस्य

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जगन्नाथ मंदिर में भगवान को भोग लगाने के लिए महाप्रसाद बनाया जाता है. महाप्रसाद के लिए मिट्टी के 7 बर्तनों को एक के ऊपर एक करके रखा जाता है. सामान्य तौर पर सबसे नीचे वाले बर्तन का खाना पहले बनना चाहिए. लेकिन सबसे पहले सबसे ऊपर वाले बर्तन का खाना पकता है. सबसे लास्ट में नीचे वाले बर्तन का खाना बनता है, जो सीधा आग पर रखा होता है.
समुद्र की लहरों की आवाज न आना

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जगन्नाथ मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है. मंदिर के बाहर समुद्र की लहरों की आवाज आती है. मंदिर में प्रवेश करने के बाद एकदम शांति रहती है. मंदिर के प्रवेश द्वार के अंदर आते ही शांति का अनुभव होता है. जबकि, एक कदम मंदिर के बाहर रखते ही शोर सुनाई देता है. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.