भारत में सबसे ज्यादा क्यों कहर बरपा रहा सूरज? करीब 20 शहरों का पारा जा सकता है 50 डिग्री के पार

क्या आपने कभी सोचा है कि आपका शहर भी जल्द ही 'दुनिया के सबसे गर्म इलाकों' की लिस्ट में शामिल हो सकता है? मौसम का बदला हुआ मिजाज सिर्फ गर्मी ही नहीं लेकर आ रहा है बल्कि अब लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है. भारत के 20 शहरों को दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में गिना जाने लगा है और उम्मीद है इस बार यहां गर्मी अपनी सारे पिछले रिकॉर्ड तोड़ देगी.

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बढ़ रहा हीटवेव का खतरा, तापमान 4-8 डिग्री तक बढ़ सकता है

बढ़ रहा हीटवेव का खतरा, तापमान 4-8 डिग्री तक बढ़ सकता है2 / 7

मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल से मई के बीच असामान्य रूप से गर्मी पड़ने की आशंका है. कई इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा जा सकता है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ेगा. इस भीषण गर्मी में बाहर काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिस और दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. गर्मी बढ़ने का मतलब सिर्फ पसीना नहीं, बल्कि हीट स्ट्रोक और स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ेगा.

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20 शहरों की लिस्ट में भारत के कई इलाके बने हॉटस्पॉट

20 शहरों की लिस्ट में भारत के कई इलाके बने हॉटस्पॉट3 / 7

हाल ही में सामने आए तापमान रिकॉर्ड में भारत के कई शहर दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल हुए हैं. India Meteorological Department के अनुसार महाराष्ट्र का अकोला करीब 44°C तापमान के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल है. इसके अलावा अमरावती, वर्धा और नागपुर जैसे शहर भी टॉप लिस्ट में हैं. छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के कई शहर-जैसे रायपुर, भिलाई, सासाराम, वाराणसी, मिर्जापुर और मुगलसराय, लगातार 42–45°C तापमान रिकॉर्ड कर रहे हैं. इसका असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है. बिजली की खपत बढ़ रही है, पानी की मांग बढ़ रही है और शहरी इलाकों में गर्मी का “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव और तेज हो रहा है.

50°C तक पहुंचा तापमान तो क्या होगा?

50°C तक पहुंचा तापमान तो क्या होगा?4 / 7

IMD की चेतावनी सबसे ज्यादा गंभीर इसलिए भी है क्योंकि कुछ इलाकों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक भी जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो लोगों पर उनकी दिनचर्या पर इसका सीधा असर पड़ेगा. दोपहर में लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा. पानी और बिजली की मांग कई गुना बढ़ जाएगी. स्कूल और ऑफिस टाइमिंग बदलने पड़ सकते हैं. अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ सकते हैं.

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भारत ही नहीं पड़ोसी देशों में भी बढ़ रही गर्मी

भारत ही नहीं पड़ोसी देशों में भी बढ़ रही गर्मी5 / 7

रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड, वियतनाम और चीन के भी कई इलाकों में तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज कर रहे हैं. इससे साफ है कि यह सिर्फ भारत की समस्या ही नहीं है बल्कि पूरे एशियाई क्षेत्र में जयवायु परिवर्तन का असर तेजी से बढ़ रहा है.

हीटवेव एक सामान्य समस्या नहीं...

हीटवेव एक सामान्य समस्या नहीं...6 / 7

ग्लोबल रैंकिंग और 'दुनिया के सबसे गर्म शहर' वाला डेटा El Dorado Weather देता है. यह प्लेटफॉर्म दुनिया के शहरों की daily temperature ranking जारी करता है, जिससे पता चलता है कि कौन-सा शहर उस दिन दुनिया में सबसे गर्म रहा है और किस शहर के गर्म होने की संभावना है. भारत में बढ़ती हीटवेव अब एक सामान्य मौसम नहीं, बल्कि एक बड़ा पर्यावरणीय संकेत भी है.

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भीषण गर्मी पड़ने के पीछे हैं क्या कारण?

भीषण गर्मी पड़ने के पीछे हैं क्या कारण?7 / 7

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तेज गर्मी के पीछे कई कारण हैं, जैसे तेज सोलर रेडिएशन , साफ आसमान और कम बादल. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम से चलने वाली सूखी गर्म हवाएं भी तापमान बढ़ा रही हैं. ये सभी फैक्टर मिलकर तेजी से गर्म कर रहे हैं और गर्मी को बढ़ा रहे हैं.इस साल हिमालय और यूरेशिया में बर्फ कम पड़ी है, जिससे सूर्य की किरणें ज्यादा अवशोषित हो रही हैं. साथ ही प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने के कारण मौसम बदल गया है. इससे ठंडी हवाओं का असर कम हुआ और गर्मी तेजी से बढ़ने लगी.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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