लंबे सफर के लिए ज्यादातर लोग ट्रेन को भी प्रेफर करते हैं. ऐसे में आपने कभी ट्रेन के आखिरी डिब्बे को ध्यान से देखा हो तो उसके पीछे बड़े अक्षरों में एक्स बना हुआ जरूर नजर आया होगा. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक नॉर्मल निशान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में इसका रेलवे के नियम और रूल्स से गहरा रिलेशन है. आइए जानते हैं कि ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर एक्स क्यों लिखा जाता है और इसका क्या मतलब होता है.
रेलवे के लिए क्यों है यह जरूरी?

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रेलवे नेटवर्क पर एक साथ कई ट्रेनें चलती हैं. ऐसे में स्टेशन पर मौजूद निशान यह बताने का काम करता है कि ट्रेन के सभी डिब्बे सही तरह के गुजर चुके हैं और बिल्कुल सैफ हैं.
निशान दिखाई न देने पर क्या होगा?

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अगर किसी ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर एक्स दिखाई नहीं देता तो रेलवे कर्मचारी यह मान सकते हैं कि ट्रेन का कोई हिस्सा रास्ते में अलग हो गया है. ऐसे में तुरंत जांच की जाती है और सभी लोगों को बताया जाता है.
रात में कैसे होती है पहचान?

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रात के वक्त सिर्फ निशान देख पाना आसान नहीं होता. इसलिए ट्रेन के अंतिम डिब्बे पर लाल रंग की टेल लाइट या लाल रिफ्लेक्टर भी लगाया जाता है. इससे दूर से ही पता चल जाता है कि ट्रेन का आखिरी हिस्सा गुजर चुका है.