रोटी बनाने के लिए लकड़ी या पत्थर का पटा, क्या ज्यादा बेहतर? जानें दोनों में अंतर और फायदे-नुकसान

भारत की हर रसोई में रोटी बनाने के लिए पटा-बेलन का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है. पुराने समय से रोटियां पटा-बेलन पर ही बेलने की परंपरा रही है. आज भी भारतीय बाजारों में मुख्य रूप से दो तरह के पटे मिलते हैं, लकड़ी का पटा और पत्थर/मार्बल का पटा. अक्सर लोग भ्रम में रहते हैं कि रोटी बनाने के लिए कौन-सा पटा ज्यादा बेहतर होता है. आइए समझते हैं कि सेहत के लिए कौन सा बेस्ट होता है.

tips for chakla belan
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लकड़ी का पटा

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लड़की का पटा वजन में हल्का होता है और इसे उठाना-रखना भी आसान होता है. इस पर आटा ज्यादा चिपकता नहीं है, जिससे रोटियां बेलने में भी आसानी होती है. वहीं, सर्दियों में यह ज्यादा ठंडा नहीं होता है, जिससे बेलन आराम से चलता है. लड़की का पटा अगर आपके हाथ से गिर भी जाए तो इसके टूटने का डर नहीं होता है.

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लड़की के पटा के नुकसान

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लकड़ी का पटा अगर ज्यादा समय तक पानी में रहता है तो उसकी लकड़ी खराब हो सकती है. अगर उसकी सही ढंग से सफाई नहीं की जाए तो उसमें दरार पड़ सकती है और उसमें बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं. लकड़ी के पटे को समय-समय पर धूप दिखाना भी जरूरी होता है.

पत्थर/मार्बल का पटा

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पत्थर का पटा लकड़ी के पटे से ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होता है. इसकी सतह समलत होती है, जिससे रोटी पतली और बराबर बेली जाती है. इसे धोना और साफ करना भी आसान होता है. पत्थर का पटा लंबे समय तक खराब नहीं होता है.

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पत्थर के पटे के नुकसान

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लड़की के पटे के मुकाबले पत्थर का पटा ज्यादा भारी होता है. इसे इधर-उधर रखना थोड़ा मुश्किल होता है. सर्दियों के समय पत्थर काफी ठंडा हो जाता है जिससे रोटी बेलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. पत्थर का पटा अगर गिर जाए तो टूटने का खतरा रहता है.

कौन-सा पटा है ज्यादा बेहतर?

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रोजमर्रा और आरामदायक उपयोग के लिए- लकड़ी का पटा टिकाऊपन, साफ-सफाई और एकसार रोटियों के लिए- पत्थर का पटा

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निष्कर्ष

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स्वास्थ्य और स्वाद दोनों के लिहाज से दोनों पटे अच्छे हैं, बस इस्तेमाल और देखभाल का तरीका अलग-अलग है. यदि आप हल्का और प्राकृतिक विकल्प चाहते हैं तो लड़की का पटा चुनें और अगर आपको मजबूत व लंबे समय तक चलने वाला पटा चाहिए तो पत्थर का. वास्तु के अनुसार भी दोनों के अपने-अपने सकारात्मक लाभ है, इसलिए अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार सही पटा चुनना ही सबसे बेहतर है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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