Week Off के लिए रविवार ही क्यों चुना गया? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी
Sunday Ke Din Kyu Hota Hai Off: मंडे हो या ट्यूजडे...लेकिन सुकून तो संडे का नाम सुनते ही मिलता है. संडे का मतलब छुट्टी, मगर कभी आपने सोचा है कि आखिर रविवार को ही क्यों वीक ऑफ मिलता है? अगर नहीं, तो आइए इस लेख में इसके पीछे की वजह जानते हैं.

Why Sunday Is Became Week Off: पूरे हफ्ते लोग बस रविवार यानी संडे का इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दिन पर जगह की छुट्टी होती है और लोगों को ब्रेक मिलता है. यह पूरे भारत का उसूल है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरे हफ्ते में रविवार के दिन ही क्यों लोगों को छुट्टी मिलती है? छुट्टी के लिए रविवार ही क्यों चुना गया? बता दें, इसके पीछे एक दिलचस्प इतिहास और सामाजिक बदलावों की कहानी छिपी हुई है. यह कहानी क्या है आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
ईसाई धर्म से ताल्लुक
2 / 6जब रविवार का दिन छुट्टी के लिए चुना गया तब भारत में ब्रिटिश शासन था और वो लोग ईसाई धर्म को मानते थे. ईसाई धर्म में रविवार को आराम का दिन माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन ईश्वर ने विश्राम किया था.
यूरोप जैसा कामकाज का सिस्टम
3 / 6भारत में रविवार की छुट्टी का चलन ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुआ, जब कामकाज का सिस्टम यूरोप जैसा बनाया गया. 10 जून 1890 को भारत में रविवार को आधिकारिक रूप से साप्ताहिक छुट्टी घोषित कर दिया गया.
मजदूरों ने उठाई थी आवाज
4 / 6एक वक्त था जब सभी मजदूर बिना किसी छुट्टी लिए काम करते थे. इसलिए भारतीय समाजसेवी नारायण मेघाजी लोखंडे ने मजदूरों के लिए हफ्ते में एक दिन छुट्टी की मांग की, जिसके बाद रविवार को छुट्टी के दिन लागू किया.
हिंदू धर्म से जुड़ा हुआ है
5 / 6रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव और कुछ क्षेत्रों में भगवान खंडोबा को समर्पित है. इसलिए लोगों को पूजा करने के लिए ऑफ दिया गया था.
फैमिली डे
6 / 6जब से लेकर आज तक रविवार का दिन फैमिली डे के तौर पर माना जाता है. अब यह दिन आराम और खुद के लिए समय निकालने का दिन बन चुका है. लोग पूरे हफ्ते काम करते रविवार के दिन ऑफ लेते हैं.