Indian Rotis: भारत में रोटियां न सिर्फ आपका पेट भरती हैं, बल्कि तन और मन को भी खशियों से भर देती है. साथ ही ये सदियों पुरानी पाक-कला की परंपराओं, क्षेत्रीय विविधता और खाना पकाने के अनोखे तरीकों को दिखाते हैं. आप नॉर्थ से लेकर साउथ इंडिया जाएं या फिर ईस्ट से वेस्ट आपको इंडियन फ्लैटब्रेड की अलग-अलग वेरायटी देखने को मिल जाएगी. आइए आज हम 10 सबसे मशहूर भारतीय रोटियों पर नजर डालते हैं.
चपाती

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चपाती भारतीय घरों में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली रोटियों में से एक है. ये गेहूं के आटे से बनती है और बिना तेल या मक्खन के गर्म तवे पर पकाई जाती है, जिससे ये लाइट ऑप्शंस में से एक बन जाती है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और डाइटरी फाइबर से भरपूर रोटी रोजाना के खाने के लिए बहुत अच्छी है. इसमें 70 से 90 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा दाल, सब्जी, पनीर, और चिकन के साथ पसंद की जाती है.
तंदूरी रोटी

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तंदूरी रोटी गेहूं के आटे या गेहूं के आटे और मैदे के मिश्रण से बनती है और इसे पारंपरिक मिट्टी के तंदूर में पकाया जाता है. इसका स्वाद स्मोकी होता है, किनारे कुरकुरे होते हैं और इसमें आमतौर पर बहुत कम या बिल्कुल भी मक्खन नहीं होता, जिससे ये रेस्टोरेंट में मिलने वाला एक हेल्दी ऑप्शन बन जाता है. इसमें 110 से 140 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा राजमा, छोले, दाल तड़का और मीट डिशेज के साथ पसंद किया जाता है.
प्लेन नान

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नान भारत की सबसे मशहूर रेस्टोरेंट-स्टाइल फ्लैटब्रेड में से एक है. मैदे से बना और तंदूर में पकाया गया ये नान मुलायम और फूला हुआ होता है, और चबाने में थोड़ा मजेदार लगता है. ये शादियों, फैमिली फंक्शंस और सड़क किनारे बने ढाबों में खूब परोसा जाता है. इसमें 280 से 320 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा दाल मखनी, दाल तड़का, कबाब, वेज करी और मीट वाली ग्रेवी के साथ पसंद किया जाता है.
बटर नान

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बटर नान पारंपरिक नान का ज्यादा रिच (मक्खन-मलाई वाला) वर्जन है. मैदे से बना ये नान तंदूर में पकाया जाता है और ऊपर से मक्खन की अच्छी-खासी परत लगाई जाती है. इसका सॉफ्ट टेक्सचर और बढ़िया स्वाद इसे रेस्टोरेंट और खास मौकों पर पॉपुलर बनाता है. इसमें 300 से 380 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा बटर चिकन, मुगलई कोरमा, पनीर बटर मसाला और क्रीमी ग्रेवी वाली डिशेज के साथ पसंद किया जाता है.
पराठा

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पराठा गेहूं के आटे से बनी एक परतदार रोटी है जिसे घी या तेल के साथ पकाया जाता है. इसे तवे पर तब तक तैयार किया जाता है जब तक कि ये बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम न हो जाए. इसके बेहतरीन स्वाद के कारण ये पूरे भारत में नाश्ते और लंच के लिए पसंदीदा ऑप्शन है. इसमें 220 से 320 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा दही, अचार, आलू की सब्जी, मसालेदार सब्जी या मीट करी के साथ पसंद किया जाता है.
मिस्सी रोटी

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मिस्सी रोटी में बेसन और गेहूं के आटे का मिश्रण होता है, जिससे इसका स्वाद बेहतरीन होता है और इसमें आम रोटी के मुकाबले ज्यादा प्रोटीन होता है. ये एक हेल्दी ऑप्शन है जिसे आमतौर पर उत्तर भारत में पकाया जाता है. इसमें 220 से 320 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा सरसों का साग, पनीर भुर्जी और तड़का दाल के साथ पसंद किया जाता है.
भाकरी

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भाकरी ज्वार, बाजरा या चावल के आटे से बनी एक पारंपरिक रोटी है. इसका टेक्सचर थोड़ा खुरदरा और स्वाद मिट्टी जैसा होता है और इसे पश्चिमी भारत में पारंपरिक खाने के हिस्से के तौर पर खूब खाया जाता है. इसमें 120 से 180 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा ठेचा, बैंगन का भर्ता, लहसुन की चटनी और लोकल सब्जियों के साथ पसंद किया जाता है.
मक्के की रोटी

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मक्के के आटे से बनी ये रोटी उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम की पसंदीदा डिश है. इसका स्वाद बेहतरीन होता है और इसे पारंपरिक रूप से हाथ से बनाया जाता है और इस आटे में ग्लूटेन नहीं होता है. इसमें 160 से 200 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा सरसों का साग और घर के बने मक्खन के साथ खाया जाता है.
कुलचा

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कुलचा मैदे से बना एक नरम, हल्का फूला हुआ ब्रेड है जिसे तंदूर में पकाया जाता है. ये प्लेन या आलू, प्याज या पनीर जैसी चीजों की स्टफिंग के साथ मिलता है. इसमें 2200 से 300 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा छोले, मटर करी और नॉर्थ इंडियन ग्रेवी वाली डिशेज के साथ पसंद किया जाता है.
रुमाली रोटी

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रुमाली रोटी मैदे से बनी बहुत पतली और नरम रोटी होती है. इसका टेक्सचर इतना मुलायम होता है कि इसे रुमाल की तरह मोड़ा जा सकता है, इसीलिए इसका ये अनोखा नाम पड़ा है. इसमें 80 से 120 किलो कैलोरी होती है, और ये सबसे ज्यादा तंदूरी चिकन, कबाब, मलाई कोफ्ता और मुगलई करी के साथ पसंद किया जाता है.