नीचे बहती नदी, ऊपर दौड़ती नहर! 150 साल पुराने इस इंजीनियरिंग को देखकर तारीफ करते नहीं थकेंगे
दुनिया में कई ऐसी चीजें बनकर तैयार हो चुकी हैं, जिसे देख लोग हैरान रह जाते हैं. इसी में से एक है उत्तर प्रदेश का अनोखा पुल, जिसके नीचे नदी बहती है और ऊपर नहर. आइए जानते हैं इसके बारे में.

आपने कई ऐसी इंसानी रचनाओं, जैसे इमारतें, पुल आदि देखें होंगे, जो पहली नजर में सिर को घुमा देती है और ऐसा एहसास दिलाती है कि मानो वह दूसरी दुनिया से आए लोगों ने बनाया हो. हम आपको ऐसे ही एक अद्भुत इंजीनियरिंग की मिसाल दिखाएंगे, जिसे देख आप पक्का हैरान रह जाएंगे.
उत्तर प्रदेश में सिर्फ ताज महल ही अनोखा नहीं
2 / 7उत्तर प्रदेश अपने इतिहास के लिए बहुत जाना जाता है, वहां मौजूद ऐतिहासिक इमारतें, कारीगरी, पुल आदि लोगों को हैरान कर देते हैं. इन्हीं में शामिल है, वहां का अनोखा पुल जिसे देख लोगों का सिर घूम जाता है.
यूपी में कहां है ये पुल
3 / 7हम जिस पुल की बात कर रहे हैं, वो यूपी के कासगंज में स्थिति है, जिसे 'नदरई का पुल' के नाम से जाना जाता है. वहीं, कई लोग इसे झाल का पुल या अंग्रेजों का पुल के नाम से भी जानते हैं.
अपनी अनोखी इंजीनियरिंग के लिए मशहूर
4 / 7ये पुल इस लिए मशहूर नहीं है कि इसे अंग्रेजों ने बनाया था, बल्कि यह पुल सिविल इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो अपनी मजबूती और डिजाइन के कारण लोगों को आकर्षित करता है.
ऊपर नहर और नीचे नदी
5 / 7इस पुल को इस तरह डिजाइन किया गया था कि ऊपर से गंगा नहर निकल सके और नीचे से काली नदी बहती रहे. इस पुल को देखने वाला हर शख्स कुछ वक्त के लिए शॉक हो जाता है और इसे समझने की कोशिश करने लगता है.
कब बना ये अनोखा पुल
6 / 7नदरई का पुल का निर्माण ब्रिटिश काल में वर्ष 1885 से 1889 के बीच किया गया था. खास बात यह है कि इसे बनाने में आधुनिक निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट या सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था बल्कि, चूना, अरहर की दाल का पानी, चना और गुड़ जैसी पारंपरिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था. हैरानी की बात ये है कि यह पुल आज भी मजबूती से खड़ा हुआ है.
क्यों बनाया गया ये पुल
7 / 7रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नहर के निर्माण के दौरान इसके रास्ते में काली नदी आ रही थी. ऐसे में नहर के पानी को सीधे नदी में मिलाना संभव नहीं था, क्योंकि ऐसा करने से सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती थी. ऐसे में इंजीनियरों ने नदी के ऊपर पुल बनाकर उसके ऊपर से नहर निकालने का अनोखा समाधान तैयार किया. अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. (Images: Pexels/Social Media)