साधु-संत भी नहीं लगाते इस दाल को हाथ, तंत्र-मंत्र और काली पूजा में होता है इस्तेमाल? जानिए पूरा सच

Kaunsi Daal Mansahari Hoti Hai: दाल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है, जिसे हर कोई आसानी से खा सकता है लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसी दाल भी है जिसे मांसाहारी कहा जाता है और साधु-संत हाथ भी नहीं लगाते हैं?

Kaunsi Daal Mansahari Hoti Hai
1 / 6
Kaunsi Daal Mansahari Hoti Hai

Masoor Dal Sant: भारत में दालों का इस्तेमाल सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके पीछे कई परंपराओं, मान्यताओं और धार्मिक कर्मकांड भी मौजूद हैं. इनका अपना अलग ही महत्व है और इन मान्यताओं में एक दाल को मांसाहारी और तामसिक माना जाता है. हिन्दू धर्म की कुछ विशेष धार्मिक मान्यताओं के आधार पर कहा जाता है कि इस दाल को साधु-संत हाथ तक नहीं लगाते और इसका इस्तेमाल तंत्र-मंत्र या काली पूजा में किया जाता है. यह कौन सी दाल है आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.

विज्ञापन

किस दाल को कहा जाता है मांसाहारी?

किस दाल को कहा जाता है मांसाहारी? 2 / 6

लाल मसूर की दाल को मांसाहारी कहा जाता है. वैष्णव पद्धति से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, लाल मसूर की दाल को तामसिक भोजन की श्रेणी में रखा जाता है

विज्ञापन

तामसिक भोजन क्या होता है?

तामसिक भोजन क्या होता है? 3 / 6

तामसिक भोजन मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जैसे गुस्से और डिप्रेशन को बढ़ावा देना. इसे इसलिए मांसाहारी जैसा माना जाता है, क्योंकि यह शरीर पर मांसाहारी जैसा प्रभाव डालता है.

क्या सच में साधु-संत मसूर दाल नहीं खाते?

क्या सच में साधु-संत मसूर दाल नहीं खाते? 4 / 6

यह बात परंपराओं से जुड़ी हुई है और साधु-संत शाकाहारी भोजन का पालन करते हैं. इसलिए वो लाल मसूर की दाल का सेवन करने से बचते हैं. इससे उनकी मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है.

विज्ञापन

तंत्र-मंत्र और काली पूजा में इस्तेमाल कैसे होता है?

तंत्र-मंत्र और काली पूजा में इस्तेमाल कैसे होता है? 5 / 6

हिन्दू धार्मिक रीति-रिवाजों में काली देवी को लाल मसूर दाल चढ़ाने की परंपरा है. इसलिए लाल मसूर की दाल को तंत्र-मंत्र और काली पूजा में इस्तेमाल किया जाता है.

हाई प्रोटीन स्रोत

हाई प्रोटीन स्रोत 6 / 6

लाल मसूर की दाल में मांसाहार के समान होता है. प्रोटीन की हाई मात्रा के कारण यह शरीर में ऊर्जा और शक्ति का संचार करती है. इसलिए साधु-संत और ब्राह्मण इस दाल को अपने आहार में शामिल नहीं करते हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन