1 / 8
20 अगस्त को हर साल विश्व मच्छर दिवस (World Mosquito Day ) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन सिर रोनाल्ड रॉस की 1890 की ऐतिहासिक खोज की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने दुनिया को बताया कि मादा एनाफिलीज के कारण मलेरिया की बीमारी फैलती है.
मौत की नींद सुला सकते हैं छोटे से मच्छर

2 / 8
मच्छर दिखने में भले ही छोटे लगते हों, लेकिन यह डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का शिकार बना सकते हैं. ऐसी स्थिति में पहले तो मरीज कमजोर हो जाता है और अगर उसे वक्त पर इलाज न मिले और स्थिति गंभीर हो जाए, तो मौत तक हो सकती है.
मच्छरों से सुरक्षा बहुत जरूरी

3 / 8
छोटे से दिखने वाले मच्छर क्या कर सकते हैं, इसके बारे में आपने जान लिया है. इसलिए जरूरी है कि सरकार इस बीमारी पर काबू पाने के लिए कदम उठाती रहती है. आमतौर पर लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए भी कदम उठाते हैं, जैसे पूरे कपड़े पहनना, आदि.
मच्छरों भगाने के लिए होता है धुएं का इस्तेमाल

4 / 8
आपने गौर किया होगा कि मच्छरों के आतंक को कम करने के लिए कई इलाकों में धुआं छोड़ा जाता है, ताकि मच्छर न पनपे और वहां डेंगू, मलेरिया का खतरा कम हो. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ये धुआं इंसानों के लिए खतरनाक होता है?
क्या मच्छर भगाने वाला धुआं मौत का कारण बन सकता है?

5 / 8
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मच्छर भगाने वाली दवा के धुएं से मौत होने की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि, इसके इस्तेमाल के दौरान कुछ सुरक्षा सावधानियों का पालन करना भी जरूरी है.
किन मामलों में खतरनाक हो सकता है ये धुआं?

6 / 8
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति फेफड़ों की समस्या से पहले से ही जूझ रहा है, अस्थमा का मरीज है या कोई बुजुर्ग व्यक्ति इस धुएं को ज्यादा मात्रा में अंदर लेता है, तो इसके कारण फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं. इसके अलावा यह पाचन तंत्र पर भी असर कर सकते हैं और कैंसर के लिए कीमोथेरेपी करा रहे लोगों को भी अपने आपको इससे सुरक्षित रखने की सलाह है.
कैसे रखें अपने आपको सुरक्षित?

7 / 8
अगर आप मच्छर के धुएं के छिड़काव के दौरान कुछ कदम उठाएं, तो खुद को सुरक्षित कर सकते हैं. इनमें छिड़काव के समय मास्क पहने रखना, घर के दरवाजे व खिड़की बंद रखें, खाने पीने की चीजों को तुरंत ढक देना, बच्चों को घर के अंदर रखना.