
1 / 5
flower moon 2026 date time: साल 2026 का 'फ्लावर मून' यानी फूलों वाली पूर्णिमा आज से लगने जा रही है. यह खगोलीय घटना न केवल देखने में अद्भुत होती है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और मौसमी महत्व भी बहुत ज्यादा है. साल 2026 का 'फ्लावर मून' अपनी पूरी चमक के साथ धरती को रोशन करने के लिए तैयार है. वसंत ऋतु के चरम पर होने वाली इस घटना को दुनिया भर में बेहद खास माना जाता है. खगोल विज्ञान के अनुसार, इस साल पूर्णिमा की तिथि अप्रैल और मई के मिलन के समय पड़ रही है. यह वह समय है जब चांद अपनी पूरी चमक के साथ धरती के सबसे करीब और बेहद रोशन दिखाई देगा.
फ्लावर मून 2026: तिथि और समय

2 / 5
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस साल पूर्णिमा का यह खूबसूरत नजारा देखना चाहते हैं तो समय का खास ध्यान रखें:
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 30 अप्रैल, 2026 को रात 9:12 बजे से.
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 1 मई, 2026 को रात 10:52 बजे तक.
चंद्रोदय का समय: 30 अप्रैल की शाम 6:52 बजे चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में उदित होगा.
इसे 'फ्लावर मून' क्यों कहते हैं?

3 / 5
मई महीने की पूर्णिमा को 'फ्लावर मून' या 'फूलों वाला चंद्रमा' कहा जाता है. यह नाम प्राचीन परंपराओं और मौसमी बदलावों से प्रेरित है. उत्तर गोलार्ध में यह वह समय होता है जब वसंत का मौसम अपने शबाब पर होता है और चारों तरफ फूल खिलने लगते हैं. इसी हरियाली और फूलों की बहुतायत के कारण इसे यह खूबसूरत नाम दिया गया है. यह प्रकृति के पुनर्जन्म और जीवन के उल्लास का प्रतीक है.
अलग-अलग संस्कृतियों में अलग नाम

4 / 5
दुनिया भर की संस्कृतियों में इस पूर्णिमा को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है, जो कृषि और प्रकृति से जुड़े हैं:
मदरिंग मून: ममता और देखभाल का प्रतीक.
मिल्क मून (दूधिया चांद): पवित्रता और प्रचुरता को दर्शाता है.
प्लांटिंग मून: पौधों की रोपाई के लिए उपयुक्त समय.
क्या है इसका खास महत्व?

5 / 5
ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से फ्लावर मून को विकास, नवीनीकरण और नई शुरुआत का सूचक माना जाता है. जिस तरह लंबी सर्दी के बाद प्रकृति फूलों के रूप में अपनी पूरी क्षमता दिखाती है, उसी तरह यह समय आत्मचिंतन और अपने लक्ष्यों की ओर स्पष्टता के साथ बढ़ने का अवसर देता है. यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं या शांति के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो इस रात का चंद्रोदय देखना एक यादगार अनुभव होगा.