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आमतौर में सभी फल वेज होते हैं, लेकिन जब बात अंजीर यानी FIG की आती है, तो अक्सर लोगों यहां पर आकर रुक जाते हैं और लंबी सोच में पड़ जाते हैं. लोगों का सवाल रहता है कि क्या अंजरी वेज फल या नहीं? अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो आइए आपको बताते हैं इस फल की पूरी हकीकत.

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जो लोग वेज डाइट फॉलो करते हैं उनके बीच यह सवाल काफी बार आता है, कि क्या वह लोग अंजीर का सेवन कर सकते हैं या नहीं? सोशल मीडिया पर इस फल को लेकर कई तरह के अलग-अलग दावे किए जाते हैं, जिसके बाद ये सवाल और मजबूत हो जाता है.

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मीठे और स्वादिष्ट अंजीर को अक्सर लोग मासाहारी मनते हैं, इस दावे के पीछे वजह परागण प्रक्रिया यानी पॉलिनेशन प्रोसेस है. रिसर्च बताते हैं कि अंजीर पॉलिनेशन के लिए छोटे ततैया(Small Wasps) पर निर्भर रहते हैं. आम फूलों तरह अंजीर का फूल बाहर नहीं बल्कि अंदर होता है.

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ये छोटे ततैया अंजीर में छोटे छेद के जरिए घुस जाते हैं, जहां मादा ततैया अंडे देती है फिर पराग (Pollen) को अंजीर के फूलों में ट्रांसफर करती है. इतना ही नहीं, आमतौर पर नर ततैया, मादा ततैया के साथ अंदर ही संभोग या प्रजनन करते हैं और फिर मादाओं को वहां से बाहर निकाल लेते हैं, जिससे वह pollen को नए फलों तक ले जा सकें.

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लेकिन कई ततैया अंदर ही मर जाती है, जिन्हें अंजीर में मौजूद फिसिन एंजाइम खा जाता है और इसे फल के साथ मिला देता है. इस तरह मरी हुई ततैया फल का एक हिस्सा बन जाती हैं. यही कारण है कि इसे नॉन-वेज माना जाता है.

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हालांकि, एक बड़ी आबादी इसे वेज मानती है, इसे लेकर कहा जाता है कि अंजीर के अंदर मौजूद एक खास प्रकार का एंजाइम उस ततैया को पूरी तरह गलाकर समाप्त कर देता है. यानी वह कीड़ा जैसा कुछ भी पहचानने लायक रूप में नहीं बचता और वह पूरी तरह प्राकृतिक प्रोटीन में बदल जाता है.

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अंजीर जब तक खाने लायक बनता है, उसके अंदर किसी भी तरह का कीड़ा मौजूद नहीं होता. यह सिर्फ प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है, इसलिए इसे वेज भी माना जाता है. (Image: Pexels)