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Char Dham Yatra Health Certificate: हर साल लाखों लोग चारधाम यात्रा पर निकलते हैं, क्योंकि यह आस्था की सबसे बड़ी यात्रा मानी जाती है. इसलिए हर साल इस पवित्र यात्रा को लेकर नियम बदलते रहते हैं और अब ये नियम सख्त हो गए हैं. ऊंचाई वाले कठिन रास्तों और बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है. अब कोई भी यात्री बिना किसी फिटनेस जांच के एंट्री नहीं ले पाएगा. अगर आप भी इस साल यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो पहले इन नियमों और सर्टिफिकेट बनाने की पूरी प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी है.
क्यों जरूरी है मेडिकल फिटनेस?

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चारधाम के ज्यादातर स्थान 3,000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर हैं. यहां ऑक्सीजन का स्तर कम होता है और मौसम तेजी से बदलता है. ऐसे में अगर किसी को दिल, सांस या अन्य गंभीर बीमारी है तो जोखिम बढ़ सकता है.
रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य

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अब इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करना बहुत ही जरूरी हो गया है. ट्रिप पर जाने से पहले आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, क्योंकि अब बिना रजिस्ट्रेशन एंट्री नहीं मिलती है.
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी

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सरकार के नियमों के मुताबिक अब डॉक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है. फिटनेस सर्टिफिकेट ट्रिप से एक महीने पहले बनाया गया हो, जिसपर एक स्थानीय एमबीबीएस डॉक्टर के हस्ताक्षर किए गए हों.
पहचान पत्र साथ रखें

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आधार कार्ड या कोई भी वैध ID प्रूफ यात्रा के दौरान साथ रखना होगा. अगर आप नहीं रखेंगे तो परेशानी थोड़ी ज्यादा बढ़ जाएगी. हो सकता है कि आपको एंट्री ना मिले या देखने के लिए दोबारा भेजा जाए.
कैसे बनता है मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट?

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आप नजदीकी सरकारी या रजिस्टर्ड डॉक्टर से चेकअप करवा सकते हैं. इस दौरान डॉक्टर आपकी हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवल, शुगर और बीपी चेक करेगा. फिर फिटनेस सर्टिफिकेट आपकी रिपोर्ट के हिसाब से बना देगा.