अप्रैल में क्यों है फरवरी जैसी ठंडक? IMD ने बताई वजह, कब तक रहेगा ये खुशनुमा मौसम

उत्तर भारत में इस समय मौसम बिल्कुल फरवरी जैसा हो गया है. दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में दिन का तापमान भी सामान्य से 8 से 15 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है. दिल्ली में जहां अप्रैल में पारा 35 डिग्री तक पहुंच जाता है और गर्मी भी बढ़ जाती है, वहां इस समय अप्रैल के महीने का तापमान 21 डिग्री तक पहुंच गया है. लगातार हो रही बारिश, गरज-चमक, ओले और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को हल्की सर्दी का भी एहसास हो रहा है, जिसके कारण लोग हैरान हैं.

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अप्रैल में क्यों है फरवरी जैसी ठंडक, ये है कारण

अप्रैल में क्यों है फरवरी जैसी ठंडक, ये है कारण2 / 8

वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, मार्च और अप्रैल के शुरू के दिनों में दो-दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक के बाद एक एक्टिव हुए हैं. 7 और 8 अप्रैल को ज्यादा एक्सट्रीम एक्टिविटी थी. IMD की 8 अप्रैल की प्रेस रिलीज में साफ कहा गया है कि उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश, ओले और 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं.

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नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की चेतावनी

नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की चेतावनी3 / 8

IMD ने 9-11 अप्रैल के बीच एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की भी चेतावनी दी है. मार्च में भी कई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आए थे, जिससे दो महीनों में कुछ संख्या काफी ज्यादा हो गई है.

क्या है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?

क्या है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?4 / 8

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस मध्य भूमध्य सागर से शुरू होने वाले मौसम सिस्टम है. ये ऊपरी हवाओं के साथ भारत की ओर बढ़ते हैं. सामान्य रूप से ये दिसंबर से फरवरी तक ज्यादा आते हैं, लेकिन अब मार्च-अप्रैल में भी इनकी संख्या बढ़ गई है. इस बार मार्च-अप्रैल में लगातार दो-दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय रहे, जो अप्रैल में फरवरी जैसी ठंड और बारिश का मुख्य कारण बने.

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अरब सागर की नर्म हवाएं हैं कारण?

अरब सागर की नर्म हवाएं हैं कारण?5 / 8

बता दें कि ये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अकेले नहीं आ रहे हैं. IMD ने बताया कि अरब सागर से बहुत ज्यादा नमी इन सिस्टम में देखने को मिल रही है. राजस्थान के ऊपर भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है जो अरब सागर की गर्म और नम हवाओं को अपनी ओर खींच रहा है. जब ठंडी हवा वाला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इन नमी से टकराता है, तो भारी बादल बनते हैं और गरज चमक होती है, ओले गिरते हैं. तापमान भी तेजी से कम हो जाता है. अरब सागर की नमी और राजस्थान के ऊपर बन रहे सर्कुलेशन ने इस बार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को और मजबूत बना दिया है.

जलवायु परिवर्तन भी है कारण

जलवायु परिवर्तन भी है कारण6 / 8

वैज्ञानिकों का कहना है कि नॉर्थ पोल का आर्कटिक इलाका तेजी से गर्म हो रहा है. इससे पोलर जेट स्ट्रीम (ऊपरी हवाओं की पट्टी) अब पहले से ज्यादा असरदार हो गई है और उसमें तेज लहरें भी उठ रही हैं. सामान्य जेट स्ट्रीम सीधी रहती थी, लेकिन अब U-शेपप वाली लहरें बन रही हैं, जिससे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कम ऊंचाई तक पहुंच रहे हैं और ये अप्रैल-मई में भी सक्रिय हो रहे हैं.

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क्या यह जलवायु परिवर्तन का है संकेत?

क्या यह जलवायु परिवर्तन का है संकेत?7 / 8

एक महत्वपूर्ण रिसर्च पेपर Hunt et al. (2025) में Weather and Climate Dynamics जर्नल में प्रकाशित हुआ है. रिसर्च पेपर और IMD दोनों ये कह रहे हैं कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अब सर्दियों से आगे बढ़कर बसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं. इससे अनसीजनल बारिश, ओले और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव बढ़ रहे हैं. अगर यह ट्रेंड ऐसे ही जारी रहा तो फसल, पानी की उपलब्धता और गर्मी के मौसम पर असर पड़ेगा.

अरब सागर से हो रहा नमी का ट्रांसपोर्ट

अरब सागर से हो रहा नमी का ट्रांसपोर्ट 8 / 8

रिसर्च पेपर में यह भी कहा गया है कि पिछले कई दशकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की गतिविधि बढ़ रही है. यह आर्कटिक समुद्री बर्फ के पिघलने से जुड़ा है. दूसरा पेपर Hasan et al. (2024) ScienceDirect में छपा है, जो बताता है कि अरब सागर से नमी का ट्रांसपोर्ट वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को और इंटेंस बनाता है, जिससे हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश और ओले पड़ते हैं. Skymet Weather के महेश पलावत ने भी कहा कि आर्कटिक गर्मी के कारण जेट स्ट्रीम की लहरें बढ़ रही हैं, जिससे अप्रैल में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ज्यादा आ रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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