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आपने अक्सर गौर किया होगा कि जब भी कोई बच्चा या आप खुद रोते हैं, तब आंखों से सिर्फ आंसू ही नहीं, बल्कि नाक भी बहने लगती है. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर ऐसा होता क्यों है? आइए जानते हैं इस रहस्य के बारे में.
रोते ही बदल जाता है शरीर का हाल

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कभी आपने गौर किया होगा कि जैसे ही आप रोते हैं, आंखों के साथ-साथ नाक भी बहने लगती है. यह सिर्फ इमोशन नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. जो दुख, खुशी या दर्द, हर स्थिति में अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, जिससे यह बदलाव दिखाई देता है.
आंसू कहां से आता है?

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हमारी आंखों में एक खास ग्रंथि होती है जिसे लैक्रिमल ग्लैंड (Lacrimal gland) कहते हैं. यह लगातार आंसू बनाती रहती है, जो आंखों को नम रखते हैं और धूल-मिट्टी व बैक्टीरिया से बचाने का काम करते हैं.
ज्यादा आंसू बनने पर क्या होता है?

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जब हम ज्यादा रोते हैं, तो आंसू जरूरत से ज्यादा बनने लगते हैं. ऐसे में कुछ आंसू आंखों से बाहर बहते हैं, जबकि बाकी अंदर की तरफ बहकर दूसरे रास्ते से शरीर में जाने लगते हैं.
आंख और नाक के बीच छिपा है कनेक्शन

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आंख और नाक के बीच एक पतली नली होती है, जिसे नासोलैक्रिमल डक्ट (Nasolacrimal Duct) कहा जाता है. यही नली आंसुओं को आंख से नाक तक पहुंचाने का काम करती है, जो आमतौर पर हमें महसूस नहीं होता.
रोते समय नाक क्यों बहती है?

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जब बहुत ज्यादा आंसू बनते हैं, तो यह नली पूरी तरह भर जाती है. इसके बाद अतिरिक्त आंसू नाक के अंदर जाने लगते हैं, जिससे नाक में पानी जैसा तरल जमा होने लगता है.
नाक का म्यूकस कैसे करता है काम?

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नाक के अंदर मौजूद म्यूकस मेम्ब्रेन इन आंसुओं को पतला करता है और बाहर निकालने में मदद करता है. यही वजह है कि रोते वक्त नाक से पानी बहने लगता है, जो बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है. (Image: Pexels/AI)